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सड़क निर्माण में घटिया सामग्री लगाने से ग्रामीण नाराज

– सोशल मीडिया के माध्यम से उठाई आवाज, निर्माण कार्य की जांच नहीं हुई तो फिर होगा आंदोलन
– प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, दोषी लोगों पर कार्रवाई हो

Report ring Desk

अल्मोड़ा। ‘मेरा गांव मेरी शान’ की पहल और अथक प्रयासों से आजादी के 70 साल बाद मंगलता-त्रिनैली सड़क का काम तो शुरू हो गया लेकिन अब यहां के निवासी निर्माणाधीन सड़क में घटिया सामग्री लगाए जाने से परेशान हैं। यहां के निवासियों ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री की शिकायत सोशल मीडिया पर जोर-शोर से उठा दी है। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पीएमवाइजी को भी पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे निर्माण कार्य की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अगर ऐसा नहीं होता है तो ग्रामीणों को एक बार फिर से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

मालूम हो कि आजादी के बाद से मंगलता-त्रिनैली-धौनैली-बोड़ा-थिकालना, ऐरीखान, भंजर, झिरकोट, कोटा, जामड़ी समेत दर्जन भर से अधिक गांव सड़क को लेकर वर्षो से परेशान थे। सड़क तक पहुंचने के लिए इन गांवों के लोगों को 15 से 20 किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ती थी। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर में रह रहे यहां के लोगों ने इन गांवों को सड़क से जोडऩे के लिए पहल की और सोशल मीडिया के माध्यम से इन लोगों ने ‘मेरा गांव, मेरी शान’ ग्रुप बनाया और लोगो को एकजुट कर सड़क के लिए लम्बा आंदोलन किया। कई बार नेताओं से मिले और सड़क के लिए धरना प्रदर्शन तक किया। आखिरकार इन लोगों की मेहनत रंग लाई और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत मंगलता-त्रिनैली सड़क मार्ग को मंजूरी मिली थी। 28 किमी लम्बे इस सड़क मार्ग का निर्माण जारी है।

अब स्थानीय निवासियों ने इस निर्माणाधीन सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर सड़क निर्माण की वीडियो और फोटो वायरल कर आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में रेत की जगह मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस मामले की अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माणाधीन सड़क में कलमठ, नाली, कौजवे, पुलियों में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क की चौड़ाई भी मानकों के अनुरूप नहीं रखी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान रेत के स्थान पर आसपास से मिट्टी खोदकर सीमेंट में मिलाई जा रही है। लोहे के सरियों को बिछाने का कार्य भी उचित तरीके से नहीं किया जा रहा है। जिससे भविष्य में बड़ी वाहन दुर्घटना का अंदेशा जताया जा रहा है।

स्थानीय निवासी राम सिंह वाणी, राजन सिंह वाणी, अर्जुन सिंह वाणी, बहादुर सिंह वाणी, किशन भट्ट, बसंत टम्टा, इंदर सिंह वाणी, नन्दन राणा, हयात सिंह वाणी, मदन सिंह वाणी, प्रताप राणा, केडी भट्ट, कुंदन राणा, मोहन सिंह बाणी, हुकम सिंह बाणी, भगवान सिंह बाणी, हरी सिंह बाणी, कैलाश टम्टा, रवि सिंह बाणी, हीरा सिंह राणा, महेंद्र सिंह बाणी, दिवान सिंह बाणी, कुन्दन राणा ने कहा कि पूरे सड़क मार्ग की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो एक बार फिर से सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने सड़क निर्माण के दौरान समय-समय पर निरीक्षण की भी मांग की है।

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