Uttarakhand DIPR

अपनी बात

shastri

शास्त्री जी की पुण्य तिथिः जय जवान जय किसान

By Ashish Gore, Bengaluru स्वतंत्र भारत के महानायकों की सूची में गौरवपूर्ण स्थान अर्जित करने वाले देश के दूसरे प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री. लाल बहादुर शास्त्री जी की आज 56वीं पुण्य तिथि है। इस अवसर पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। मैंने जिस तरह उनके बारे में सोचा और महसूस किया, इस लेख के […]

शास्त्री जी की पुण्य तिथिः जय जवान जय किसान Read More »

Dr photo

नए दौर के लोकतंत्र को मजबूत करेगी-ई लर्निंग

सुमित सौरभ (डायरेक्टर, डिजाइन सर्कल) लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजने में आमजन की सहभागिता और जागरुकता बेहद जरुरी है, डिजिटल लर्निग के माध्यम से जनजागरुकता बढाकर ऐसी समस्याओं पर न केवल काबू पाया जा सकता है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गो को एक नई दिशा दी जा सकती है।  शिक्षा  क्षेत्र में ई-लर्निंग का प्रयोग लंबे अरसे

नए दौर के लोकतंत्र को मजबूत करेगी-ई लर्निंग Read More »

daugthers day special

Daugther’s Day: मेरी परी, पंख फैला भरना उड़ान

आज डॉटर्स डे यानी बेटियों का दिन है। बेटी के प्यार, समर्पण और त्याग को देखते हुए दुनिया में हर वर्ष डॉटर्स डे मनाया जाता है। यह दिवस हर साल सितंबर के चौथे रविवार को होता है। जो कि आज 26 सितंबर को है। इस मौके पर हमारी ओर से दुनिया भर की बेटियों को

Daugther’s Day: मेरी परी, पंख फैला भरना उड़ान Read More »

aa

बंद पड़ी एचएमटी कंपनी में खुले एम्स

Report ring desk हल्द्वानी। रानीबाग स्थित एचएमटी कंपनी में एम्स खोलने की मांग बढ़ती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से सोशल साइट्स और कुछ संगठनों की ओर से यह मांग लगातार उठाई जा रही है। अब समाजसेवी नंदन सिंह राणा ने प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वर्षो से खाली पड़ी एचएमटी

बंद पड़ी एचएमटी कंपनी में खुले एम्स Read More »

Ambedkar 696x392 1 e1618376164324

कब और क्यों मनाई जाती है अंबेडकर जयंती, जानें महत्व

By Aashish Pandey 14 अप्रैल को हर साल बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती देश भर में मनाई जाती है। डॉ भीमराव रामजी अम्बेडकर को भारत के महान व्यक्तित्व और नायक के रूप में जाना जाता है। अंबेडकर जी खुद एक दलित थे। इस वजह से उन्हें बचपन से ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ‘भारतीय संविधान

कब और क्यों मनाई जाती है अंबेडकर जयंती, जानें महत्व Read More »

good friday images1

जानिए क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे

By Aashish pandey ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे (Good Friday)का एक विशेष महत्व है। गुड फ्राइडे ईसाई धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में एक माना जाता है। गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। वहीं बहुत से लोग इसे ग्रेट फ्राइडे के नाम से भी जानते हैं। गुड फ्राइडे को

जानिए क्यों मनाया जाता है गुड फ्राइडे Read More »

apirly fool 1 2

इस राजा के अजीबोगरीब फैसलों से शुरू हुआ अप्रैल फूल

By Aashish pandey हर साल दुनियाभर में 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे के रूप में मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं क्यों और कब से इस दिन एक.दूसरे को बेवकूफ बनाने की प्रथा चली आ रही है। क्या आप जानते हैं कि अप्रैल फूल का दिन एक अप्रैल को ही क्यों मनाया

इस राजा के अजीबोगरीब फैसलों से शुरू हुआ अप्रैल फूल Read More »

dhami

विदेशी भाषा अंग्रेजी की हर स्तर पर वर्चस्व की भूल को भी सुधार दो

लौह पुरुष पटेल जी बने होते प्रधानमंत्री तो विविध भाषा बोली की रियासतों की तरह मानसिक आजादी भी मिल जाती: धामी न्यायालय में फैसलों में भी विदेशी भाषा का वर्चस्व समाप्त हो रवींद्र सिंह धामी  खटीमा। विदेशी भाषा अंग्रेजी का वर्चस्व भारतीय संस्कृति, इतिहास, जीवन दर्शन को नष्ट कर हमारे स्वाभिमान, गौरव एवं आस्था को

विदेशी भाषा अंग्रेजी की हर स्तर पर वर्चस्व की भूल को भी सुधार दो Read More »

youth3 e1603693187731

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु संगठित करने की कवायद और उसकी दिशा

By GD Pandey 24 मार्च 2020 को देशव्यापी लाकडाउन की घोषणा के साथ ही भारत के करोड़ों मजदूरों खासकर प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में हा हाकार मच गया। लाकडाउन के पहले चरण को तो अधिकांश कामगारों ने इस उम्मीद के साथ येन केन प्रकारेण झेला कि लाकडाउन खुलने पर उन्हें उनका काम

उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार हेतु संगठित करने की कवायद और उसकी दिशा Read More »

hindi 1 1

चुनावी घोषणा पत्र में जगह पाने लगा है मातृभाषा को बढ़ावा

रवींद्र सिंह धामी की फेसबुक वॉल से देश भर के भाषा समर्थकों को प्रणाम। भाषा आंदोलनकारी हर स्तर पर अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त कर भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की मांग निरन्तर उठा रहे हैं। बीते दिनों प्रधानमंत्री के नाम पर खुला पत्र जारी कर भारतीय संस्कृति की वाहक भारतीय भाषाई अस्मिता के संघर्ष को

चुनावी घोषणा पत्र में जगह पाने लगा है मातृभाषा को बढ़ावा Read More »

Scroll to Top