चम्पावत। पुलिस ने चम्पावत मेंं नाबालिग किशोरी के साथ हुई गैंगरेप की घटना को फर्जी बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह बदले की भावना से रचा गया षडय़ंत्र था। एसपी रेखा यादव बताया कि इसमें पूर्व बीडीसी सदस्य कमल रावत की साजिश थी।
मालूम हो कि चम्पावत के सल्ली गांव में बुधवार को कथित गैंगरेप का मामला सामने आया था। कथित तौर पर एक 16 वर्षीय किशोरी सुनसान घर में निर्वस्त्र मिली थी। उसके हाथ पैर बंधे मिले थे। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किा था। इस घटना को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन भी हुए थे। इस घटना का खुलासा करते हुए एसपी रेखा यादव ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि यह घटना साजिश थी। तीनों आरोपी घटनास्थल पर नहीं गए थे।
सीसीटीवी, सीडीआर, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य जांच में गैंगरेप के दावे संदिग्ïध मिले हैं। एसपी ने कहा कि पीडि़ता ने मजिस्टे्रट के समक्ष बयान में कहा कि आरोपियों की प्रकरण में संलिप्तता नहीं है। वहीं सीएमओ ने भी पत्रकार वार्ता में बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।उन्होंने पीडि़ता के शरीर में किसी तरह के बाहरी या अंदरूनी चोट के निशान नहीं होने का दावा किया है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।







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