देश दुनिया

इस देश में फारेस्ट टूरिज़्म हुआ लोकप्रिय, पढ़िए स्टोरी

हाल में खत्म हुई गोल्डन वीक की छुट्टियों के दौरान पाँच करोड़ से अधिक लोगों ने वनीय क्षेत्रों व पार्कों का भ्रमण किया। आंकड़ों के अनुसार चीन में साल 2016 और 2019 के बीच 6 अरब दौरे वन आच्छादित इलाकों के हुए, जिसमें 15 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर देखी गयी।

Report Ring News

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता है। थाईलैंड हो या फिर चीन इन देशों ने टूरिज्म पर बहुत ध्यान दिया है। चीन की बात करें तो पिछले कुछ दशकों में तेज़ विकास के साथ-साथ सरकार ने पर्यटन पर भी खास फोकस किया। इसके लिए देश भर में ऐतिहासिक व सांस्कृतिक स्थलों के रख-रखाव के साथ नए पर्यटन केंद्रों का निर्माण भी किया गया। इतना ही नहीं सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन व वन नीति पर विशेष ध्यान दिया। वहीं रोमांचक खेलों को लेकर भी लोगों को आकर्षित करने के लिए प्रयास किए गए, जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में भ्रमण, बर्फीले खेलों को बढ़ावा देना शामिल है।

सरकारी नीति की वजह से नए पर्यटन तरीके लोकप्रिय हो रहे हैं, जिसमें ग्रामीण व वन पर्यटन प्रमुख हैं। बताया जाता है कि हाल में खत्म हुई गोल्डन वीक की छुट्टियों के दौरान पाँच करोड़ से अधिक लोगों ने वनीय क्षेत्रों व पार्कों का भ्रमण किया। हालांकि पिछले साल की इसी अवधि के दौरान आधे लोग इन क्षेत्रों में घूमने गए। आंकड़ों के अनुसार चीन में साल 2016 और 2019 के बीच 6 अरब दौरे वन आच्छादित इलाकों के हुए, जिसमें 15 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर देखी गयी। पिछले साल वन पर्यटन से 1.75 खरब युआन की कमाई हुई। जो अपने आप में एक नया रिकार्ड है।

यहां बता दें कि वन पर्यटन ने दूरदराज के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद भी की है। साल 2018 में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 14 लाख से अधिक लोगों की वन पर्यटन के कारण वार्षिक आय में औसतन 5,500 युआन की वृद्धि दर्ज हुई। जो यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियों का लाभ गरीबों को सीधे तौर पर मिल रहा है।

माना जा रहा है कि निकट भविष्य में यह ट्रेंड जारी रह सकता है। चीन के राष्ट्रीय वानिकी व ग्रासलैंड प्रशासन ने इस बात की जानकारी दी है।  

जैसा कि हम जानते हैं कि कोविड-19 महामारी के चलते पर्यटन व्यवसाय सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। लेकिन चीन ने हाल के कुछ महीनों में वायरस को नियंत्रित कर पर्यटन को पटरी पर लाने की पूरी कोशिश की है। इसी का नतीजा है कि 63 करोड़ से अधिक लोग सात दिनों की छुट्टियों में इधर-उधर घूमने गए। प्रशासन के ईको टूरिज्म प्रबंधन कार्यालय के निदेशक चांग जियानमिन के मुताबिक महामारी के बाद देश के वन पर्यटन की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।

साभार- चाइना मीडिया ग्रुप



Leave a Reply

Your email address will not be published.