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चीन में पधारो-म्हारे देस की गूंज- बीजिंग में हुआ राजस्थान टूरिज़्म पर खास कार्यक्रम

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By Anil Azad, Beijing

राजस्थान अपने किलों, महलों और रंगबिरंगी संस्कृति के लिए समूचे विश्व में जाना जाता है। यहां लाखों की संख्या में पर्यटक घूमने जाते हैं.. लेकिन इनमें चीनी पर्यटकों की संख्या बहुत कम है। ऐसे में राजस्थान सरकार द्वारा चीन में पर्यटन को प्रमोट करने के लिए रोड शो का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को राजधानी बीजिंग में हुए कार्यक्रम में लोगों ने राजस्थान के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। बता दें कि राजस्थान में पिछले साल कुल 25.4 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जिनमें विदेशी पर्यटकों की संख्या 19.5 लाख थी। लेकिन इनमें चीनी पर्यटकों की संख्या ज्यादा नहीं थी। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने अपने यहां पर्यटन का प्रचार-प्रसार करने के लिए एक दल चीन भेजा। जिसने पेइचिंग व शांगहाई में पर्यटन शो आयोजित किया।

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इस अवसर पर मौजूद चीनी व विदेशी लोगों को राजस्थान के विभिन्न पर्यटकों स्थलों से रूबरू कराया गया।अगर जयपुर की बात करें तो वह पिंक सिटी के नाम से प्रसिद्ध है, यहां विश्वविख्यात हवा महल और आमेर फोर्ट स्थित हैं। जबकि उदयपुर में फ्लोटिंग जल महल के साथ-साथ सिटी पैलेस भी अद्भुत हैं। जैसलमेर जिसे गोल्डन सिटी भी कहते हैं, में जैसलमेर फोर्ट है, और जोधपुर में मेहरानगढ़ फोर्ट व होटल उमेद भवन पैलेस अपनी अलग पहचान रखते हैं। जबकि रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान 400 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैला हुआ है, जो राजस्थान में वाइल्डलाइफ और प्रकृति के नजारे को पेश करता है। इसके साथ ही थार रेगिस्तान है, जो इंडिया का सबसे बड़ा रेगिस्तानी क्षेत्र है।

बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास में हुए कार्यक्रम में राजस्थान पर्यटन विभाग की कमिश्नर रुकमणी रियार मौजूद रही। उन्होंने वरिष्ठ संवाददाता अनिल पांडेय के साथ खास बातचीत में कहा कि राजस्थान में पर्यटकों के लिए हर चीज उपलब्ध है। उन्होंने चीनी पर्यटकों को राजस्थान घूमने के लिए आमंत्रित करते हुए विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के बारे में बताया। कहा कि राजस्थान में हर शहर और क्षेत्र अपना अलग ही इतिहास रखता है। ऐसे में जो भी पर्यटक राजस्थान आता है, वह इस राज्य को भूल नहीं पाता है।

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इस मौके पर दूतावास में मिनिस्टर श्वेता सिंह ने कहा कि भारत और चीन के बीच पर्यटन और आदान-प्रदान की व्यापक संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत में अतिथि देवो भव कहा जाता है, जिसका मतलब होता है कि मेहमान भगवान के तुल्य होता है। बता दें कि राजस्थानी लोगों को अक्सर “पधारो म्हारे देस” कहते हुए सुना जाता है, जिसका मतलब होता है कि हमारे राज्य में आइए। वैसे राजस्थान की रंग-बिरंगी संस्कृति और सभ्यता को करीब से देखने के बाद पर्यटक बार-बार यहां आना चाहते हैं। हाल के वर्षों में यहां शादियों का भी चलन खूब बढ़ गया है। बड़े-बड़े फिल्म एक्टर्स और नामचीन हस्तियां राजस्थान को अपने जीवन के सबसे अनमोल और रोमांटिक पलों के आयोजन के लिए चुनने को आतुर रहते हैं।

(Writer is a senior journalist and have been associated with China Media Group)

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