अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी 25 वर्षीय लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर से पूरे अल्मोड़ा जनपद सहित प्रदेशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने वीर अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया है।
जानकारी के अनुसार, 5 असम रेजीमेंट में तैनात लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ‘ऑपरेशन शेरोवाली’ के तहत राजौरी के मंजाकोट क्षेत्र में आतंकवादियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन में शामिल थे। अभियान के दौरान दुर्गम जंगलों और खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र में ऑपरेशनल ड्यूटी निभाते समय वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें बचाकर उपचार के लिए पहुंचाया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने मातृभूमि की सेवा करते हुए अंतिम सांस ली।
सेना के अधिकारियों के अनुसार, जिस क्षेत्र में अभियान चलाया जा रहा है वह बेहद चुनौतीपूर्ण है। घने जंगल, खड़ी चट्टानें, दुर्गम रास्ते और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियां अभियान को और कठिन बना रही हैं। क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना के बाद कई दिनों से लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।
शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी अल्मोड़ा के पांडेखोला क्षेत्र के निवासी थे। उनके पिता प्रमोद नाथ गोस्वामी भनोली तहसील में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि रविवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर अल्मोड़ा पहुंच जाएगा। इसके बाद विश्वनाथ घाट में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके उपरांत उनके पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास अल्मोड़ा लाया जाएगा।







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