नई दिल्ली। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के भव्य शुभारंभ और बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव करार दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा जगद्गुरु आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और माध्वाचार्य जैसी महान विभूतियों की विरासत को आगे बढ़ाने वाली है।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रेषित अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के दर्शन सहित चारों धामों की यह पावन यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का एक भव्य उत्सव है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्राओं से भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी थी। जगद्गुरु रामानुजाचार्य और जगद्गुरु माध्वाचार्य ने भी अपने धर्मविचारों को समृद्ध करने के लिए बद्रीनाथ की यात्रा की थी।

विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले केदारनाथ धाम के कपाट
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार सुबह ठीक 8:00 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के शुभ मुहूर्त के साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त धाम में मौजूद रहे, जिससे पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से भक्तिमय हो गया। सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों और ऊं नम् शिवाय जय श्री केदार के उदघोष के साथ कपाट खोले गए। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया और मुख्य पुजारी ने अंदर प्रवेश कर पूजा-अर्चना शुरू की। इस दौरान पिछले साल कपाट बंद करते समय ज्योतिर्लिंग पर लगाई गई भस्म को हटाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में बांटा गया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कपाटोघाट्न के साक्षी बने। वहीं सेना के हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश की गई।
सीएम धामी ने की पहली पूजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्य पुजारी और तीर्थ पुरोहितों के साथ मिलकर मंदिर में प्रथम पूजा संपन्न की। मुख्यमंत्री ने पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जन-कल्याण की प्रार्थना की।







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