चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के चीन सीमा पर अतिवृष्टि ने तबाही मचा दी। इस तबाही से चीन सीमा को जोडऩे वाला बैली ब्रिज चंद सेकंड में ही पूरी तरह से धराशायी हो गया। तमक नाले में अचानक आए उफान से देखते ही देखते वहां एक गाड़ी भी खिलौने की तरह नाले में समा गई। बैली ब्र्रिज बहने से नीती घाटी के 12 से अधिक सीमांत गांवों के साथ ही सेना और आईटीबीपी की चौकियों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस हादसे में पुल के समीप काम कर रहा बीआरओ का एक कर्मचारी लापता हो गया।
मालूम हो कि ज्योतिर्मठ से करीब 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नीती घाटी के तमक नाले पर पिछले साल नाला उफान पर आ गया था जिससे वहां पर बना पक्ïका पुल बह गया था। इसके बाद यहां ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी रूप से आवाजाही कराई जा रही थी। करीब एक माह पहले ही बीआरओ ने यहां बैली ब्रिज तैयार किया था। सोमवार सुबह तेज बारिश के बाद तमक नाला एक बार फिर उफान पर आ गया। पानी पुल तक पहुंचने के बाद कुछ देर में जलस्तर कम हुआ तो पुल से कचरा हटाकर आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया गया लेकिन शाम करीब चार बजे नाला एक बार फिर अचानक उफान पर आ गया। इस बार पानी का वेग इतना अधिक था कि कुछ ही सेकंड में बैली ब्रिज पानी के तेज बहाव में बह गया। इस हादसे में पुल के समीप साइड पर काम कर रहा बीआरओ का एक कर्मचारी भी पानी की चपेट में आने के बाद लापता हो गया। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर भेजा गया है। क्षेत्र में आवाजाही जल्द सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लापता कर्मचारी का अभी तक कोई पता नहीं
नीती घाटी के तमक नाले में भारी बारिश के बाद आए उफान में बहे कर्मचारी का अभी तक भी कोई पता नहीं चल पाया है। चमोली पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें खोजबीन एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंचे हैं।







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