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नहीं रहीं स्वर कोकिला लता मंगेशकर, दो दिन का राष्ट्रीय शोक

ऐ मेरे वतन के लोगो, ज़रा आँख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी….

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महान गायिका और भारत रत्न से सम्मानित स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन हो गया है। 92 वर्षीय लता मंगेशकर पिछले कई दिनों से बीमार थीं। उन्हें पिछले महीने की शुरुआत में कोरोना संक्रमण हो गया था। जिसके बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि बीच में उनकी सेहत में सुधार हुआ, लेकिन कुछ समय बाद फिर से तबियत बिगड़ गयी। जिसके चलते उनके शरीर के अधिकांश अंगों ने काम करना बंद कर दिया और औज यानी रविवार सुबह 8 बजकर 12 मिनट पर उनका निधन हो गया।

लता जी को देशभर से करोड़ों लोगों की श्रृद्धांजलि मिल रही है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित खेल, संगीत, व फिल्म जगत की तमाम जानी-मानी हस्तियों ने उनके निधन पर दुःख जताया है। लोगों को यकीन नहीं हो रहा है कि पार्श्व गायिका लता मंगेशकर अब हमारी बीच नहीं हैं। 1922 में जन्मीं लता मंगेशकर अपनी सुरीली व मधुर आवाज़ के कारण हमेशा हम सभी के साथ रहेंगी। उनके द्वारा गाए, “ऐ मेरे वतन के लोगों, ज़रा आँख में भर लो पानी, मेरी आवाज़ ही पहचान है”, जैसे लाखों गाने शायद ही लोग भुला पाएं।

लता जी के निधन से संगीत के एक युग का अंत हो गया है। उनके निधन पर न केवल महाराष्ट्र में शोक रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी दो दिन के शोक की घोषणा की गयी है। 

बताया जाता है कि आज शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार होगा।

इससे पहले केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए ट्वीट किया, ”देश की शान और संगीत जगत की शिरमोर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वे सभी संगीत साधकों के लिए सदैव प्रेरणा थीं।”

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