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फर्जी डिग्री रोकने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा

Report Ring Desk

नैनीताल। आजकल फर्जी डिग्री जारी करने के कई मामले सामने आ रहे हैं। जिसे खत्म करने के लिए कुमाऊं विवि ने डिजिटल तकनीक का सहारा लिया है। इसके तहत डिग्री में 25 सिक्योरिटी मानकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्द ही अंकतालिका के मानक भी अपडेट किए जाएंगे।

दो साल पहले कुमाऊं विवि में डिग्री का फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। अब तक इस मामले में पुलिस जांच में मुंबई की एक छात्रा ट्रेस हुई थी, इसके बाद मामला लंबित है। इसी फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया गया है।

कुलपति प्रो एनके जोशी ने बताया कि अब डिग्री में 25 सिक्योरिटी मानक समाहित किए गए हैं। इसमें क्यूआर कोड होलोग्राम के साथ अन्य मानक हैं।कुलपति के अनुसार इस तकनीक से बनी 2019 की डिग्री करीब चार सौ छात्रों को भेजी जा चुकी हैं। अब अन्य सालों की भी डिग्री नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड वाली ही भेजी जाएंगी।



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