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आशा फैसलिटेटर ने की नियमतीकरण, मानदेय में वृद्धि की मांग

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– जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
– कहा, न्यूनतम मजदूरी से भी कम मानदेय मिल रहा है

अल्मोड़ा। नियमतीकरण, मानदेय में वृद्धि समेत विभिन्ïन मांगों को लेकर आशा फैसलिटेटर ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर ङ्क्षसह धामी को ज्ञापन दिया है। मुख्यमंत्री को लिखे ज्ञापन में आशा फैसलिटेटरों ने कहा है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी कम मानदेय दिया जा रहा है और पूरे महीने काम करने के बावजूद उन्हें केवल 25 दिन का मानदेय दिया जाता है।

आशा फैसलिटेटरों का कहना है कि वर्तमान में राज्य में 606 आशा फैसलिटेटर एनएचएम के अंतर्गत फील्ड वर्कर के पद पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम पूरे महीने काम करते हैं लेंकिन हमें 25 दिन का ही मानदेय दिया जाता है, जो कि एक न्यूनतम मजदूरी से भी कम है। आशा फैसलिटेटरों ने राज्य प्रोत्साहन राशि को दो हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने की मांग की है। साथ ही पीएलए, बीएचएसएनसी व ब्लॉक स्तरीय बैठकों के भुगतान में भी बढ़ोत्तरी करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन यूनीफार्म दिए जाने की मांग की है।

आशा फैसलिटेटरों का कहना है कि वर्ष 2010 में उन्हें योग्यता के आधार पर चयनित किया गया था। एक आशा फैसलिटेटर के अंदर लगभग 15 से 30 आशा कार्यकर्ता कार्य करती हैं, उन्हें सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रतिभाग करना पड़ता है, लेकिन उन्हें माह में वेतन 25 दिन का ही दिया जाता है।

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