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‘हिलांश किचन’ बना महिलाओं की आत्मनिर्भरता का आधार

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धामी सरकार की पहल से पहाड़ के स्वाद को मिली नई पहचान
स्थानीय व्यंजनों से सालाना 6 से 7 लाख रुपये की आय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने के उद्देश्य से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों में ‘हिलांश किचन’ महिलाओं के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत हिलांश किचन का संचालन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है, जिससे महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
इसी कड़ी में गीतांजलि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नैनीताल कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित हिलांश किचन के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि उत्तराखण्ड की समृद्ध पारंपरिक खानपान संस्कृति को भी नई पहचान दिला रही हैं।
हिलांश किचन में परोसे जाने वाले भट्ट के डुबके, भट्ट की चुड़कानी, कढ़ी-चावल, राजमा, मंडुवे की रोटी, पकौड़ी सहित अनेक पारंपरिक व्यंजन स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों की पहली पसंद बन चुके हैं। स्थानीय स्वाद, गुणवत्ता और आत्मीय सेवा के कारण ग्राहकों द्वारा इन व्यंजनों की लगातार सराहना की जा रही है।
इस पहल से समूह की महिलाओं को प्रतिवर्ष लगभग 6 से 7 लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमी, आत्मनिर्भर और ‘लखपति दीदी’ के रूप में स्थापित करना है। हिलांश किचन जैसी पहलें इस संकल्प को धरातल पर साकार कर रही हैं, जहां एक ओर महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखण्ड के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिल रही है।
आज गीतांजलि स्वयं सहायता समूह की सफलता यह सिद्ध करती है कि सरकार की योजनाओं, महिलाओं की मेहनत और आत्मविश्वास का संगम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ-साथ “आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड” के सपने को भी साकार कर रहा है।

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