हल्द्वानी। कैलाश मानसरोवर यात्रा 4 जुलाई से शुरू होगी। यात्रा को लेकर कुमाऊं मंडल विकास निगम(केएमवीएन) ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार यात्रा का पहला दल दिल्ïली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा और वहां से धारचूला होते हुए कैलाश मानसरोवर के लिए आगे बढ़ेगा। यात्रा के सफल संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर प्रशासन और केएमवीएन ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
केएमवीएन केएमवीएन के मुताबिक इस वर्ष कुल 10 दल कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल होंगे। प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालु रहेंगे। जिससे करीब 500 यात्री इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनेंगे। पहला दल 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होकर टनकपुर पहुंचेगा। इसके बाद 5 जुलाई को यात्रियों का जत्था पिथौरागढ़ होते हुए धारचूला के लिए रवाना होगा।
यह रहेगा यात्रा का मार्ग
यात्रा का पारंपरिक मार्ग टनकपुर, धारचूला, गुंजी और लिपुलेख दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर तक रहेगा। यह यात्रा 4 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक संचालित की जाएगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। केएमवीएन के अधिकारियों का कहना है कि यात्रा मार्ग पर सभी विश्राम स्थलों और अतिथि गृहों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हल्द्वानी में लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस को यात्रियों के रुकने के लिए केएमवीएन को सौंप दिया है।







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