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बिना ट्यूशन के साधारण परिवार का अक्षत गोपाल बने 10वीं के टॉपर

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मोबाइल से बनाई दूरी, रोज 4 से 5 घंटे की पढ़ाई, इंजीनियर बनना चाहते हैं अक्षत

रामनगर। रामनगर के एक साधारण परिवार से आने वाले अक्षत गोपाल ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए हाईस्कूल परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। अक्षत ने बिना किसी ट्यूशन के यह उपलब्धि हासिल की है। रामनगर के एमपी हिंदू इंटर कॉलेज के छात्र अक्षत गोपाल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर 98.2 प्रतिशत के साथ टॉप किया है। अक्षत ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है।

अक्षत की इस उपलब्धि की हर कोई तारीफ कर रहा है। अक्षत ने बिना किसी ट्यूशन रोजाना 4 से 5 घंटे की नियमित पढ़ाई की। उन्होंने मोबाइल फोन से दूरी बनाई और केवल किताबों पर ध्यान केंद्रित किया। यही अनुशासन उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बना।

अक्षत गोपाल ने कहा मेरा सपना आगे चलकर इंजीनियर बनने का है। अक्षत ने बताया- ‘मैंने बस नियमित पढ़ाई की। अपने शिक्षकों की बातों को फॉलो किया और फोन का इस्तेमाल नहीं किया। अक्षत ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है। अक्षत के पिता एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैंँ। वे बेटे की इस सफलता से बेहद खुश और भावुक नजर आए। अक्षत की इस उपलब्धि पर परिवार में जश्न का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

रुद्रपुर की सुशीला मेहंदीरत्ता बिना ट्यूशन के बनी 12वीं की टॉपर

Sushila 1

रुद्रपुर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इतने ही अंक प्राप्त कर बागेश्वर की गीतिका पंत ने भी प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। सुशीला रुद्रपुर के भंजूराम अमर देव इंटर कॉलेज की छात्रा हैं।उनकी उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सुशीला ने 500 में से 490 अंक प्राप्त कर यह उपलब्धि अपने नाम की है। सुशीला के पिता योगेश मेहंदीरत्ता और माता ममता मेहंदीरत्ता भूरारानी क्षेत्र में एक छोटा सा बुटीक चलाते हैं। वे हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहे हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद सुशीला ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। सुुशीला ने बताया कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता प्राप्त की है। वह रोजाना करीब 4 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल पढ़ाई से संबंधित सामग्री के लिए किया।

दादा के सपने को पूरा कर गीतिका ने इंटरमीडिएट में टॉप किया

Gitika

बागेश्वर की गीतिका पंत ने भी इंटरमीडिएट में प्रदेश टॉप किया है। गीतिका ने अपने परिवार को तो खुशियां दी ही साथ ही अपने दिवंगत दादा का सपना भी पूरा दिया। गीतिका जब हाईस्कूल में थीं तो उसने जिला टॉप किया था। तब उसके बीमार दादा बहुत खुश हुए थे। आज जब वे इस दुनिया में नहीं रहे तो गीतिका ने एक बार फिर राज्य में टॉप कर अपने दादा के सपने को पूरा किया है। गीतिका के पिता टैक्सी चालक हैं।

चलने-फिरने में असमर्थ दादा की गीतिका ने बहुत सेवा की थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह अपने दादा को खाना खिलाने, उन्हें भीतर-बाहर ले जाने की सेवा में लगी रहती थी। विगत साल दो अगस्त को उनके दादा का देहांत हो गया। गीतिका की माता रीता पंत ने बताया कि गीतिका अपने दादा को बहुत प्यार करती थी। दादा के निधन का उसकी पढ़ाई पर असर पडऩे की आशंका थी। हालांकि उसने मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर इस दुख को शिक्षा पर हावी नहीं होने दिया।

 

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