देहरादून। बद्रीनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह सवा छह बजे ंविधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र व सर्वार्थ सिद्ध योग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस शुभ अवसर के साक्षी बने। कपाट खुलते ही पूरा धाम भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। फूलों से सजे भगवान बद्री विशाल के दरबार के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोज हो उठे।
इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी, जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची। परम्परा के अनुसार कपाट खुलने के बाद सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया। मंदिर परिसर से लेकर आसपास के प्राचीन मठ-मंदिरों को 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों से आकर्षक रूप से सजाया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र जगमगा उठा है। बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही यात्रा मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में रौनक लौट आई है।
बदरीनाथ में अब तक करीब साढ़े पांच सौ वाहन पहुंच चुके हैं। अखंड ज्योति के दर्शन के लिए दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं के धाम में होने का अनुमान है। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालु आध्यात्मिक अनुभूति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ भी उठाते हैं।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बद्री विशाल की कृपा सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए।
इस बार चारधाम यात्रा 2026 में नए नियम भी लागू किए गए हैं। बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री समेत कुछ तीर्थ स्थलों पर प्रवेश को लेकर नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरों पर प्रतिबंध लगाया गया है।







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