नेपाल के पूर्व प्रधानंत्री केपी ओली को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेन-जी आंदोलन के दौरान हुई छात्रों की मौत के मामले में जिम्मेदार ठहराया गया है। सरकार बनते ही नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का यह बड़ा फैसला सामने आया है। पीएम बालेंद्र शाह के नेतृत्व में उनकी सरकार ने 24 घंटे के अंदर बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पीएम की गिर$फ्तारी का आदेश दिया है। पूर्व पीएम केपी ओली के करीबी और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी गिरफ्तार किया गया है।
पीएम बालेंद्र शाह की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक में जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि निहत्थे छात्रों पर गोली चलवाई गई थी, जिसके कारण कई लोगों की जानें गई थी। सरकार ने जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है। रिपोर्ट में नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और कुछ अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन फिलहाल सुरक्षा बलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
किशोरावस्था में ही राजशाही के खिलाफ शुरू किया आंदोलन
ओली का राजनीतिक सफर करीब छह दशकों तक रहा। किशोरावस्था में ही उन्होंने राजशाही के खिलाफ आंदोलन शुरू किया और 1973 में गिरफ्तार कर लिए गए। उन्हें 14 साल की कठोर सजा मिली। जेल में रहते हुए उन्होंने लेखन और कविता का सहारा लिया और अपने विचारों को जिंदा रखा। रिहाई के बाद उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाई और धीरे धीरे राजनीति के शीर्ष तक पहुंचे। वर्ष 2015 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने कई बार सत्ता संभाली और नेपाल की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाई।







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