देहरादून। उत्तराखंड के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया वहीं टिहरी बांध की झील में पहली बार सी-प्लेन की सफल लैंडिंग हो गई। टिहरी डैम की झील में सी-प्लेन की सफल लैंडिंग दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में सुगम हवाई संपर्क स्थापित करने में मददगार साबित होगी और आपदा राहत कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ट्रायल कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि आज और कल यानी बुधवार और गुरुवार को भी फिर से टिहरी झील में सी-प्लेन लैंडिंग और टेक ऑफ का ट्रायल किया जाएगा।
मंगलवार को पहली बार टिहरी बांध की झील में सी-प्लेन उतारने का ट्रायल सफल रहा। जौलीग्रांट एयरपोर्ट से टेक आफ हुआ सी-प्लेन मंगलवार शाम करीब साढ़े पांच बजे कोटी कॉलोनी टिहरी झील में सफलतापूर्वक लैंड किया गया। सुबह से ही इसके लिए तैयारी की जा रही थी। शाम करीब साढ़े पांच बजे झील में सी-प्लेन को लैंड कराया गया। कंपनी की ओर से टिहरी झील में पहली बार लैंडिंग और टेक ऑफ किया गया। प्लेन पहुंचने और उसका ट्रायल सफल होने पर लोगों ने ताली बजाकर स्वागत किया। स्काई हॉप प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ऋषिकेश में चीला बैराज के बाद टिहरी की कोटी कॉलोनी स्थित टिहरी झील में भी मंगलवार को सी-प्लेन का ट्रायल किया है।
पर्यटन को मिलेगी गति
टिहरी डैम की झील में सी-प्लेन की सफल लैंडिंग से उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिलेगी। दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित और सुगम हवाई संपर्क स्थापित होगा। साथ ही आपदा के समय राहत कार्यों में भी तेजी आएगी। यह राज्य के आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।







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