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पुराने तहसील परिसर पर ही बने शहीद स्मारक : धामी

विधायक ने सीएम को सौंपा राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं से जुड़ा पत्र
सीएम रावत ने मुख्य सचिव को दिए कार्रवाई के निर्देश

By Naveen Joshi
खटीमा। शहीद स्मारक बनाने को लेकर चल रही जद्दोजहद के बीच सोमवार को राज्य आंदोलनकारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। इस मामले को विधायक पुष्कर सिंह धामी ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष उठाया और पुराने तहसील परिसर पर शहीद स्मारक बनाने, पुराने अस्पताल परिसर में सैन्य शहीद स्मारक बनाने की मांग की। इस पर सीएम ने मुख्य सचिव के कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।

बता दें कि राज्य आंदोलनकारियों ने पुराने तहसील परिसर में बैठकें कर अलग राज्य गठन की आवाज बुलंद की थी। इसी क्रम में एक सितंबर 1994 को खटीमा की सड़कों पर ‘आज दो अभी राज्य दो’ के नारों के साथ जनसैलाब उतरा था। तभी तत्कालीन सरकार के कारिंदो ने राज्य आंदोलनकारियों पर बर्बरता दिखाते हुए गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पुराने तहसील परिसर पर अनेक आंदोलनकारी शहीद हो गए, कुल सात आंदोलनकारी शहीद हुए थे, जबकि कई घायल भी हुए। आज भी पुरानी तहसील की इमारत में गोलियों के निशान मौजूद हैं।

वहीं, राज्य गठन के बाद शहीद स्मारक की मांग प्रमुखता से उठने लगी। इस पर नगर पालिका ने संजय रेलवे पार्क पर शहीद स्मारक बना दिया है, लेकिन राज्य आंदोलनकारी पुराने तहसील परिसर पर ही शहीद स्मारक बनाने की मांग करते रहे, जिस पर स्थान चिन्हित कर भूमि पूजन भी हो चुका है।

इधर, पिछले दिनों शहीद स्मारक के लिए पुराने अस्पताल परिसर की जमीन को चिन्हित करने और सरकार से धनराशि आवंटित होने की खबर मिलते ही राज्य आंदोलनकारियों में रोष फैल गया। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी कै.शेर सिंह दिगारी, एड.गोपाल सिंह बिष्ट, भगवान जोशी आदि आंदोलनकारियों ने शहीद स्मारक को पुराने तहसील परिसर के अलावा कहीं और बनाने को जनभावनाओं के विरुद्ध बताया और इसके खिलाफ एक और आंदोलन चलाने का ऐलान कर दिया। कहा कि एक सितंबर को पुराने तहसील परिसर पर ही शहीदों का श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया जाएगा, इसकी तैयारियों में राज्य आंदोलनकारी जुटे हुए हैं।

इन सबके बीच क्षेत्रीय विधायक पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से देहरादून में भेंट की और उन्हें सीमांत वासियों की भावनाओं से अवगत कराया। सीएम को सौंपे पत्र में विधायक धामी ने राज्य आंदोलनकारियों की जनभावनाओं के अनुरूप पुराने तहसील परिसर में खटीमा गोलीकांड के शहीदों का स्मारक बनाने और पुराने अस्पताल परिसर में शहीद सैनिकों की स्मृति में स्मारक बनाने की मांग की। इस पर सीएम ने मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं।

शहीद राज्य आंदोलनकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि
खटीमा। सीएम के मुख्य सचिव को कार्रवाई के निर्देश देने का राज्य आंदोलनकारियों ने स्वागत किया है। राज्य आंदोलनकारी भगवान जोशी ने कहा कि पुरानी तहसील परिसर में शहीद स्मारक बनाकर ही खटीमा गोलीकांड के शहीद राज्य आंदोलनकारियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कहा कि सीएम और विधायक ने राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान किया है।

वहीं, खटीमा गोलीकांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने में सक्रिय आंदोलनकारी रवींद्र सिंह धामी ने कहा कि एक सितंबर 1994 को राज्य आंदोलनकारियों पर की गई बर्बरता की गवाह पुराने तहसील परिसर को शहीद को समर्पित किया जाना चाहिए। विधायक ने सीएम से मिलकर पुराने तहसील परिसर की भूमि को संस्कृति विभाग को देने की भी मांग की है, जो सराहनीय है।

उन्होंने मांग की कि देर से ही सही, लेकिन अब पुराने तहसील परिसर पर जल्द ही भव्य शहीद स्मारक बनाया जाए और एक सितंबर को यही पर शहीद राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि भी दी जाए।



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