नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को शनिवार तडक़े दिल्ïली पुलिस ने धरना स्थल जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया है। साथ ही जंतर मंतर को खाली करने को लेकर प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया है। वांगचुक नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनकी तबीयत बिगडऩे के बाद पुलिस ने हाई कोर्ट के आदेश और डॉक्टरों की सलाह का हवाला देते हुए यह कार्रवाई की। 20 जुलाई को वांगचुक और उनके समर्थकों ने संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था।
सोनम वांगचुक और उनके समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जुलाई को संसद मार्च करने वाले थे। इससे दो दिन पहले शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार की गई है, क्योंकि लगातार अनशन के कारण उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही थी।
मालूम हो कि सोनम वांगचुक शुरुआत से ही इस सीजेपी के आंदोलन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि 27 जून तक सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो वह अनशन पर बैठेंगे। जब केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने 28 जून से भूख हड़ताल शुरू की। इस वजह से उनका 9 किलों से ज्यादा वजन घट चुका है। डॉक्टरों ने ऑर्गन फेलियर की चेतावनी दी थी।
परिवार और डॉक्टरों की मंजूरी के बिना कोई दवा या इलाज दिया जाए- गीताजंलि
दिल्ïली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने पर उनकी पत्ïनी गीतांजलि जे. आंग्मो की प्रतिक्रिया आई है। उनका कहना है कि वह सफदरजंग अस्पताल पहुंच गई हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की है कि उनके परिवार और डॉक्टरों की मंजूरी के बिना उन्हें कोई दवा या इलाज न दिया जाए।







Leave a Comment