हल्द्वानी। कुमाऊँ की समृद्ध शास्त्रीय संगीत एवं पारंपरिक होली गायन परंपरा के प्रतिष्ठित साधक धीरेन्द्र प्रसाद ‘धीरू उस्ताद’ जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।वह हल्द्वानी स्थित नीलकंठ अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। इलाज में खर्च के कारण परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। ऐसे में परिजन और शुभचिंतक समाज से आर्थिक सहयोग की अपील कर रहे हैं।
अल्मोड़ा के मकेड़ी गांव निवासी धीरू उस्ताद शास्त्रीय संगीत के वरिष्ठ साधक, रामलीला धारानौला के प्रतिष्ठित संगीतकार, पारंपरिक होली गायन के कुशल कलाकार तथा समर्पित संगीत शिक्षक हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत साधना और नई पीढ़ी को संगीत की शिक्षा देने में समर्पित किया है। उनके अनेक शिष्य आज भी उनके मार्गदर्शन को अपना सौभाग्य मानते हैं।
धीरू उस्ताद की गायकी की अपनी विशिष्ट पहचान रही है। शास्त्रीय संगीत पर उनकी गहरी पकड़, रागों का उत्कृष्ट ज्ञान, लय-ताल की अद्भुत समझ और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उन्हें कुमाऊँ के अग्रणी संगीत साधकों में स्थान दिलाया। वह एक कुशल तबला वादक भी रहे हैं। रामलीला और पारंपरिक होली गायन की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने में उनका योगदान अतुलनीय माना जाता है।
परिवार पहले भी एक गहरे आघात से गुजर चुका है। लगभग सात-आठ वर्ष पूर्व उनके इकलौते 21 वर्षीय पुत्र का कोसी नदी में डूबने से असामयिक निधन हो गया था। उस असहनीय दुख के बाद भी परिवार ने हिम्मत नहीं हारी, लेकिन अब धीरू उस्ताद की गंभीर बीमारी ने उन्हें एक बार फिर कठिन आर्थिक परिस्थितियों में ला खड़ा किया है।
ऐसे कठिन समय में संगीत प्रेमियों, पूर्व विद्यार्थियों, शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों और समाज के सभी संवेदनशील नागरिकों से विनम्र अनुरोध है कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान करें। आपका छोटा-सा सहयोग भी इस वरिष्ठ कलाकार के उपचार और उनके परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।
आर्थिक सहयोग हेतु
Google Pay / UPI / मोबाइल नंबर : 7455814149
खाताधारक का नाम : शोभा देवी

शोभा देवी, धीरू भाई की पत्नी हैं। धीरू भाई के परिवार में उनके अलावा पत्नी और एक बेटी है। आइए, कुमाऊँ की संगीत परंपरा को नई ऊँचाइयाँ देने वाले इस वरिष्ठ कलाकार के साथ इस कठिन समय में मजबूती से खड़े हों। आपकी सहायता उनके उपचार के साथ-साथ उनके परिवार के लिए भी उम्मीद की नई किरण बन सकती है।







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