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तस्करों और शिकारियों पर नकेल कसने जंगल में उतरे वनाधिकारी

  • उत्तराखंड और यूपी के वनाधिकारियों ने की यूपी से सटे जंगलों में संयुक्त कांबिंग
  • कांबिंग में पहली बार किया गया एमएस ट्रिप ऐप का प्रयोग

By Naveen Joshi 

खटीमा। कोरोना काल में वन संपदा को नुकसान पहुंचा रहे तस्करों और शिकारियों पर नकेल कसने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में उत्तराखंड और यूपी के वनाधिकारियों ने एमएस ट्रिप ऐप की मदद से यूपी सीमा से सटे जंगलों में कांबिंग की। इस दौरान उन्होंने जंगल में आने-जाने वालों से पूछताछ भी की।

बता दें कि हरियाली को समेटे क्षेत्र के बीहड़ जंगल पर हर वक्त यूपी और उत्तराखंड के तस्करों की नजर रहती है। साथ ही वन जीवों को निशाना बनाने के लिए शिकारी भी सक्रिय रहते हैं। बरसात का मौसम आते ही ये लोग जंगल में घुस जाते हैं और अपने कार्यों को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं। इस बार कोरोना की वजह से इनकी सक्रियता काफी अधिक बढ़ गई है। इस पर हमने 6 सितंबर को कोरोना काल में तस्कर बेखौफ, लकड़ी की तस्करी बढ़ी शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित कर विभाग का ध्यान इस ओर दिलाया था।

इस खबर में हमने फोटो के माध्यम से वे रास्ते भी दिखाए थे, जिनसे तस्कर अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। इसके बाद सुरई रेंज उत्तराखंड और माला एवं महोफ रेंज उत्तर प्रदेश के वनाधिकारियों ने वन एवं वन्य अपराधों पर रोकथाम के साथ ही दोनों प्रदेशों के वनाधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच आपसी सामंजस्य बनाने के मकसद से रविवार तड़के जीपीएस कांबिंग की। बाॅर्डर पर चार किमी पैदल कांबिंग में पहली बार एमएस ट्रिप ऐप का प्रयोग किया गया, जो कांबिंग कर रहे अधिकारियों की पूरी लोकेशन के साथ ही कांबिंग क्षेत्र का नक्शा भी बनाते हुए चलता है। इस ऐप के माध्यम से हर गतिविधियों को ट्रैप किया जा सकता है।

इस दौरान उन्होंने बाॅर्डर पर जंगल के किनारे एवं गांव के किनारे के जंगलों में शिकारियों द्वारा फंदा या कुंड तो नहीं लगाया है, इसकी भी चेकिंग की। जानवरों के गुजरने वाले रास्ते भी देखे। कांबिंग के दौरान चूका बैरियर से सैमलकुआं तक जंगल में आने-जाने वालों से पूछताछ की और संदिग्धों के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि, इस दौरान उन्हें जंगल में कोई भी आपराधिक गतिविधियां चलती हुई नहीं मिली।

कांबिंग में उत्तराखंड के सुरई रेंज के डिप्टी रेंजर सतीश रेखाड़ी, डिप्टी रेंजर सुखदेव मुनी, यूपी के एसडीओ माला यूसी राय, महोफ रेंज के आरओ आरिफ जमाल, राजू दास, शक्ति पांडे, हरीश राम, ब्रजेश कुमार, प्रेम चंद, आनंद सिंह, निपेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार, विक्की कुमार, पूरन सिंह, मनोज कुमार आदि शामिल रहे।



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