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जानिए, आजकल चीन में क्यों है राजनीतिक हलचल ?

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  आजकल चीन में साल के दो महत्वपूर्ण सत्र एनपीसी और सीपीपीसीसी चल रहे हैं। उक्त दो सत्र ऐसे समय में आयोजित हो रहे हैं, जब समूची दुनिया कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ रही है। वायरस के प्रसार के कारण जारी प्रतिबंधों से विश्व के अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा रही हैं। इस दौरान चीन तमाम मुश्किलों को दूर करते हुए सकारात्मक वृद्धि हासिल करने में सफल रहा है। जबकि 2021 में 6 फीसदी की विकास दर पाने का लक्ष्य भी चीन ने रखा है। अगर चीन यह दर हासिल करने में सफल रहा तो यह न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्तर पर मनोबल बढ़ाएगा। इस परिप्रेक्ष्य में टू सेशन्स बेहद मायने रखते हैं। इनके जरिए विभिन्न देश चीन में बनने वाले कानूनों व योजनाओं से रूबरू हो पाते हैं।

उधर पिछले कुछ सालों में चीन के काम की समीक्षा की जाय, तो इसमें गरीबी उन्मूलन को लेकर चलाया गया अभियान प्रमुखता से सामने आएगा। विशेषकर पिछले 8 वर्षों में चीन ने करोड़ों लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकाला। चीन की इस उपलब्धि की पूरे विश्व में चर्चा हो रही है। वहीं हाल में ही चीन ने देश से अत्यधिक गरीबी को पूर्ण रूप से खत्म करने ऐलान भी किया। इस बाबत चीनी नागरिकों ने गरीबी से निपटने संबंधी कहानियां साझा कीं। जिनमें बताया गया कि गरीबी के खिलाफ संघर्ष में क्या-क्या मुश्किलें व चुनौतियां सामने आयी। चीन का दावा है कि देश के कोने-कोने में सड़कों का जाल बिछाया जा चुका है। कहने का मतलब है कि विकास की रोशनी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है।

इसके साथ ही चीन ने 2021 में जीडीपी को 6 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। कहने में कोई दोराय नहीं कि चीन कोरोना महामारी के दौर में भी आर्थिक स्थिति को बहुत हद तक संभाल चुका है। ऐसे में विश्व का ध्यान चीन पर लगा हुआ है। क्योंकि चीन की हर आर्थिक गतिविधि अन्य देशों को भी प्रभावित करती है। ध्यान रहे कि पिछले वर्ष चीन ने करीब 1 हज़ार खरब युआन की आर्थिक मात्रा हासिल की, जो वैश्विक स्तर से 17 प्रतिशत अधिक है।

गौरतलब है कि एनपीसी के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने सरकारी कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिसमें 2020 की उपलब्धियों की समीक्षा की गयी। वहीं हाल के पाँच वर्षों में चीन द्वारा चलायी गयी योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।

जैसा कि हम जानते हैं कि चीनी जन प्रतिनिधि सभा व जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के दौरान देश के नेता व प्रतिनिधि पिछले साल की योजनाओं व रिपोर्ट्स की समीक्षा करते हैं। इसके साथ ही भविष्य की योजनाएं व बिल भी महत्वपूर्ण सत्रों में पारित किए जाते हैं।

बताया जाता है कि इस बार प्रमुख क्षेत्रों में सुधार को गहरा करने, इनोवेशन पर कायम रहने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के उच्च-गुणवत्ता वाले विकास को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इसके साथ ही विदेशी व्यापार व निवेश बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। और प्रदूषण पर लगाम कसते हुए पर्यावरण संरक्षण संबंधी योजनाओं को तवज्जो दी जाएगी।

इसके अलावा 14वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान आर्थिक विकास, ग्रीन इकोलॉजी, सुरक्षा गारंटी, नवाचार व जनजीवन व कल्याण समेत अन्य जरूरी व जनता से जुड़ी योजनाओं को लागू किया जाएगा।

इससे जाहिर होता है कि राजधानी बीजिंग में जारी दो सत्रों से न केवल चीनी नागरिकों को बड़ी उम्मीद है, बल्कि वैश्विक जगत भी इन पर निगाहें लगाए हुए है।

साभार-चाइना मीडिया ग्रुप



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