देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें निर्धारित कर दी गई हैं। यह दरें एक अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इंजीनियरिंग इकाइयों में वेतन पुनरीक्षण पिछले लगभग 20 वर्षों से लंबित था।
सचिव श्रम की अध्यक्षता में एक त्रिदलीय समिति का गठन किया गया था, जिसमें सरकार, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। 27 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में सभी पक्षों की सहमति के बाद राज्यपाल ने नई मजदूरी दरों को मंजूरी दे दी है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केंद्र सरकार की मजदूरी संहिता 2019 प्रभावी कर दी गई है। मजदूरी संहिता नियमावली 2026 के प्रख्यापन की कार्यवाही चल रही है। भविष्य में वेतन का पुनर्निर्धारण इन्हीं नए नियमों के तहत किया जाएगा।
नई दरों के अनुसार नया वेतन (वीडीए सहित) अकुशल श्रेणी का 13,800, अद्र्धकुशल का 15,000 और कुशल श्रेणी का. 16,900 किया गया है।
निजी संस्थानों के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 15 मार्च 2024 को घोषित किया जा चुका है। तब प्रदेश के एक लाख या अधिक आबादी वाले नगरों में अकुशल कार्मिकों का न्यूनतम वेतन 12,539 रुपये, अद्र्धकुशल का 13,280 रुपये, कुशल का 14,023 रुपये, लिपिकीय वर्ग में श्रेणी एक का 15,275 रुपये, श्रेणी दो का 14,340 रुपये किया गया था।
इसी प्रकार प्रदेश के शेष भागों में प्रतिमाह न्यूनतम मजदूरी अकुशल के लिए 12,391 रुपये, अर्धकुशल के लिए 13,110 रुपये, कुशल के लिए 13,838 रुपये, लिपिक वर्ग में श्रेणी-एक का 15,035 रुपये और श्रेणी दो का 14,139 रुपये तय किया गया था।
इस बीच श्रमायुक्त प्रकाश चंद्र दुमका ने इन 57 अनुसूचित प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की घोषणा कर दी है। ये दरें भी एक अप्रैल से लागू होंगी। सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को 518 प्रति माह का अतिरिक्त परिवर्तनीय महंगाई भत्ता देय होगा।







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