बागेश्वर। जिले के कांडा तहसील क्षेत्र के बांजझिरौटी गांव में मंगलवार को जंगल में मवेशी चराने गई एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत है। ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने घटनास्थल के आसपास तेंदुआ देखे जाने तथा महिला पर तेंदुए के हमले की आशंका जताई है। हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
बांजझिरौटी निवासी 48 वर्षीय कमला देवी, पत्नी पूरन राम, मंगलवार को गांव के अन्य लोगों के साथ मवेशियों को चराने जंगल गई थीं। गांव में मवेशियों को जंगल ले जाने की बारी तय होती है। इसी क्रम में उस दिन कमला देवी अपने पति पूरन राम के साथ जंगल गई थीं। इसी दौरान अचानक यह दर्दनाक घटना हो गई।
महिला के गाल पर गहरे निशान और सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे तेंदुए के हमले की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान प्रकाश राम मौके पर पहुंचे। इसके बाद थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
कमला देवी अपने पीछे पति और चार बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनका बड़ा पुत्र बबलू कुमार अपने परिवार के साथ बाहर रहता है। दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है, जबकि 23 वर्षीय पुत्र पुष्पेश कुमार अविवाहित है। मृतका का मायका पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र के लोहाथल गांव में है।
पुलिस और वन विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक जांच के बाद ही महिला की मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।







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