अब श्रमिकों को साल में मिलेगा 125 दिन का काम
देहरादून। प्रदेश में आज से विकसित भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (वीबी जी राम जी) लागू की जाएगी। इस योजना के तहत श्रमिकों को पूरे साल में 125 दिन का काम मिलेगा जबकि मनरेगा में साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी थी। वीबी जी राम जी योजना को मनरेगा योजना के बदले में लाया गया है। केंद्र सरकार ने इसके संदर्भ में 11 मई को सूचना जारी कर दी थी। अब उत्तराखंड सरकार ने भी मंगलवार को इसके संदर्भ में गजेट नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
योजना लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने मंगलवार देर रात देश के सभी राज्यों में 300 रुपए प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी तय कर दी है। हालांकि कई राज्यों में मजदूरी इससे ज्यादा है, लेकिन 21 राज्यों व केंद्रे शासित प्रदेशों में जहां न्यूनतम मदूरी इससे कम है, वहां के श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। देशभर में नई योजना लागू करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों आर केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपए की अंतरिम राशि आवंटित की है।
वीबी जी राम जी में श्रमिकों को ग्रामीण आजीविका के कार्यों के साथ-साथ जल संरक्षण और आपदा राहत कार्यों में भी लगाया जा सकेगा। इस योजना में श्रमिकों से 318 प्रकार के कामकाज कराए जा सकेंगे। इसमें 97 कार्य रिपेयर और मेंटेनेंस के होंगे और 88 कार्य मूलरूप से ग्रामीण मूलभूत ढांचे से संबंधित होंगे। इसमें भी 52 कार्य नए और 36 पुनर्निर्माण स्वरूप के होंगे। इसके अलावा वीबी जी राम जी योजना में आपदा राहत में 37 प्रकार के कार्यों, 86 ग्रामीण आजीविक प्रकृति के कार्यों और 107 प्रकार के जल संरक्षण कार्यों में लगाया जा सकेगा।
जारी रहेंगे मौजूदा काम और जॉब कार्ड
नई योजना में पहले से चल रहे सभी कार्य जारी रहेंगे। जिन श्रमिकों का ई केवाईसी पूरा हो चुका है, उनके मौजूदा जॉब कार्ड ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे, ताकि रोजगार और मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की रुकावट न आए।







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