चमोली। बिरही क्षेत्र के जंगल में लगी भीषण आग को बुझाने के दौरान फायर वाचक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर छा गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों की आग बुझाने में लगे फायर वाचक और कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा संशाधन उपलब्ध नहीं कराए जाते, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।
जानकारी के अनुसार बिरही के समीप जंगलों में आग लगने के बाद वन विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी थी। इसी दौरान पाखी गांव निवासी 44 वर्षीय राजेंद्र सिंह नेगी आग की चपेट में आ गए और पहाड़ी क्षेत्र में गिर पड़े। काफी देर तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो विभागीय कर्मचारियों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन भी रिसीव नहीं हुआ।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद कर्मचारियों को राजेंद्र सिंह नेगी का मोबाइल मिला। देर रात करीब 10 बजे विभागीय कर्मचारियों ने राजेंद्र के भाई वीरेंद्र सिंह नेगी को घटना की जानकारी देते हुए उनके लापता होने की सूचना दी। बाद में तलाशी के दौरान राजेंद्र सिंह नेगी मृत अवस्था में मिले।
घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीणों में भी घटना को लेकर भारी दुख और आक्रोश है। परिजनों ने वन विभाग और प्रशासन से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।







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