शमशेर दा ने दी गॉव, गरीबी, रोजगार एवं समाज के बारे में सोचने की दिशा
By C S Karki बिशाखापत्तनम में तो वैज्ञानिक आज कह रहे हैं कि शिक्षित युवकों को गॉव में जाना चाहिए परंतु उत्तराखण्ड के शिक्षित युवकों ने बिना विज्ञापन किए यह कार्य पहले ही प्रारंभ कर दिया है। (दिनमान- १-७ फरवरी १९७६) उपरोक्त अंश दिनमान की रिपोर्ट ‘बन के मन में’ का है, जिसे ११-१२ जनवरी […]
शमशेर दा ने दी गॉव, गरीबी, रोजगार एवं समाज के बारे में सोचने की दिशा Read More »















