देहरादून। उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते को लेकर शासन ने निर्देश जारी की दिए हैं। कर्मचारियों को नियुक्ति अवधि के आधार पर तीन चरणों में लाभ दिया जाएगा। 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों पर कार्रवाई जारी है, जबकि 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक के कर्मचारियों को 9 नवंबर 2026 और 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक के कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2027 से लाभ देने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त कर्मचारियों के समायोजन और अधिसंख्यक पद सृजन की व्यवस्था भी तय की गई है।
राज्य में उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सैनिक कल्याण विभाग की ओर से 14 सितंबर 2026 को जारी पत्र में अलग-अलग श्रेणियों में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के लिए भुगतान और समायोजन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है। यह फैसला हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन और पहले जारी शासनादेशों के क्रम में लिया गया है। सरकार ने कर्मचारियों को तीन चरणों में न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की व्यवस्था तय की है।
शासन के निर्देश के मुताबिक उपनल कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ तीन चरणों में दिया जाएगा। पहले चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त किए गए कर्मचारियों के संबंध में वर्तमान में कार्रवाई की जा रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ते का लाभ देने की कार्रवाई 9 नवंबर 2026 से की जाएगी। वहीं तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों को यह लाभ देने की कार्रवाई 1 अप्रैल 2027 से शुरू होगी।







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