Anil Azad Pandey, Beijing
1921 में स्थापित एक पार्टी जो कुछ ही सदस्यों के साथ शुरू हुई थी और जिसकी पहली बैठक एक नाव पर हुई थी, आज वह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है। उस पार्टी का नाम है कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना(सीपीसी), वह चीन को एक गरीब देश से समृद्ध और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में तैयार कर चुकी है। इस तरह चीन आर्थिक रूप से दुनिया का दूसरा सबसे ताकतवर देश बन गया है। चीनी नागरिकों के जीवन में पिछले कुछ दशकों में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है।

चीन ने सिर्फ़ चार दशकों में इतना विकास कर लिया है, जितना कई अन्य देशों को करने में डेढ़ सौ साल से भी ज्यादा का वक्त लगा। चीनी राष्ट्रपति और पार्टी महासचिव शी चिनफिंग के नेतृत्व में चीन ने करोड़ों नागरिकों को गरीबी के दलदल से बाहर निकालने में कामयाबी पायी है। बताया जाता है कि चीन ने अत्यधिक गरीबी को जड़ से खत्म कर दिया है, जो अपने आप में एक मिसाल है। इस बीच सीपीसी अपनी स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मना रही है, इस अवसर पर 1 जुलाई को बीजिंग के जन वृहद भवन में पुरस्कार समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें महासचिव शी ने भाषण दिया। उनके भाषण से यह स्पष्ट होता है कि चीन का प्रगति और अपनी विशेषता वाले समाजवाद के रास्ते पर चलने का क्रम जारी रहेगा। साथ ही जन केंद्रित योजनाओं और अवधारणाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि CPC ने चीनी लोगों को एकजुट किया है और अच्छे नतीजे पाने के लिए लगातार कोशिश करने के लिए उनका नेतृत्व किया है।

यह बात आश्चर्य में डालने वाली है कि किस तरह चीन सरकार ने अपने नागरिकों को अच्छा जीवन बिताने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया। सत्ता में आने के बाद, राष्ट्रपति शी ने गरीबी मिटाने और लोगों को बेहतर जीवन देने का अभियान शुरू किया। कहने में दोराय नहीं है कि अगर कोई देश तरक्की करता है और लोगों का जीवन बेहतर होता है, तो इसका असर सरकार और पार्टी में आम लोगों के भरोसे पर ज़रूर दिखता है। चीन को समझने वाले जानकार और विशेषज्ञ मानते हैं कि चीनी नागरिकों की एकजुटता और सरकार और पार्टी के प्रति भरोसा भी तरक्की की एक बड़ी वजह है।
जैसा कि हम जानते हैं कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना को 105 साल हो चुके हैं। इस दौरान यह पार्टी 10 करोड़ से अधिक सदस्यों वाली पार्टी बन गई है, जो दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। असल में,, जब 1921 में इसकी स्थापना हुई थी, तब इसमें सिर्फ़ लगभग 50 सदस्य थे। वर्तमान में सीपीसी के 5.431 मिलियन ग्रासरूट स्तर के पार्टी संगठन भी हैं। पार्टी ने एक नया चीन बनाने के लिए 28 साल के क्रांति के दौर में चीनी लोगों का नेतृत्व किया, सुधार और खुलेपन के ज़रिए अत्यधिक गरीबी को खत्म किया और एक खुशहाल समाज का निर्माण किया, और बाद में चीनी-शैली के आधुनिकीकरण की मुहिम को आगे बढ़ाया।
ध्यान देने वाली बात यह है कि चीन की विश्व के कारखाने के रूप में भी जाना जाता है, जहां छोटी से छोटी चीज़ें और बड़े-बड़े उपकरण तैयार होते हैं। चीन का वैश्विक जीडीपी और अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम योगदान है। गौरतलब है कि चीन ने कई सालों तक जीडीपी को दोहरे अंकों में कायम रखने में सफलता पायी। और लंबे समय से वैश्विक आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान 30 प्रतिशत से ज़्यादा रहा है। एक समय था जब चीन के लोग आने-जाने के लिए मुश्किल से ही साइकिल या छोटी गाड़ियां खरीद पाते थे, लेकिन वर्तमान पीढ़ी के पास वे सभी बुनियादी सुविधाएं हैं जिनकी चाहत हर देश के लोग रखते हैं। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी, सरकार और नागरिकों की कोशिशों के बिना इतना बड़ा बदलाव बेहद मुश्किल लगता है।
(लेखक चाइना मीडिया ग्रुप में वरिष्ठ पत्रकार हैं)







Leave a Comment