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लखनऊ के जेलर, डिप्टी जेलर पर हमला मामले में 12 अप्रैल को मुख्तार अंसारी पर तय होंगे आरोप

Report Ring Desk

लखनऊ। पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश के बांदा जेल लाए गए माफिया डॉन मुख़्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सुनवाई अब तेजी से होने वाली है। इसी क्रम में साल 2003 में लखनऊ जेल के जेलर और डिप्टी जेलर पर पथराव के मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप तय करने के लिए एमपी.एमएलए कोर्ट ने 12 अप्रैल को मुख्तार अंसारी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में तलब किया है। मुख्तार के अलावा इस मामले में यूसुफ, चिश्ती, आलम, कल्लू पंडित और लालजी यादव पर भी आरोप तय होने हैं।

युसूफ चिश्ती और आलम फिलहाल जेल में बंद हैं। जबकि कल्लू पंडित और लालजी यादव जमानत पर बाहर हैं। मुख्तार अंसारी की गैरमौजूदगी की वजह से ही इस मामले में अब तक आरोप तय नहीं हो पा रहे थे। एमपी एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज पीके राय ने मुख्तार अंसारी को पेश कराने के लिए यूपी पुलिस और रोपड़ जेल को भी निर्देश दिए थे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी।

क्या है मामला
3 अप्रैल 2000 को लखनऊ जेल के जेलर एसएन द्विवेदी ने आलमबाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक जब पेशी से वापस आए बंदियों को जेल में दाखिल कराया जा रहा था तो एक बंदी चांद को मुख्तार अंसारी और उसके साथी पीटने लगे थे। इसपर जेलर। डिप्टी जेलर बैजनाथ राम चौरसिया और कुछ बंदी रक्षकों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो मुख्तार और उसके साथियों ने जेलर डिप्टी जेलर पर हमला बोल दिया। बड़ी मुश्किल से जेल प्रशासन ने मामले को संभाला था और बंदियों को काबू में करने के लिए जेल का अलार्म भी बजा दिया था। इसके बाद जेल स्टाफ पर पथराव करते हुए यह सभी आरोपी भागे थे। इस मामले में मुख्तार अंसारी को नामजद आरोपी बनाया गया था।और धारा 147, 336, 353 और 508 में चार्जशीट भी दाखिल की गई थी।

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