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सभी में ईश्वर का रूप देखते हुए प्रेम से जीवन जिएं: सत्गुरु माता सुदीक्षा

74वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम का शुभारम्भ

Report ring Desk

‘परमात्मा ने यह सृष्टि और मनुष्य का निर्माण केवल प्यार करने के लिए किया है। अत: सभी में ईश्वर का रूप देखते हुए प्रेम से जीवन जिएं, यही मनुष्य जीवन का मुख्य लक्ष्य है।’

यह बात सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने संत निरंकारी मिशन के तीन दिवसीय 74वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के शुभारंभ पर अवसर पर कही। हरियाणा, समालखा और गन्नौर के बीच जीटी रोड पर स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल से इस सन्त समागम का सीधा प्रसारण किया जा रहा है जिसका आनंद देश-विदेश में बसे लाखों निरंकारी श्रद्धालु भक्तों एवं प्रभुप्रेमी सज्जनों द्वारा मिशन की वेबसाईट तथा साधना टीवी चैनल के माध्यम से लिया जा रहा है।

इस असवसर पर सत्गुरु माता ने आगे कहा कि कोरोना ने मानव को रोजमर्रा की जिंदगी में नि:स्वार्थ भाव से एक-दूसरे पर विश्वास करना सिखाया। हम सभी के अंदर इस परमात्मा को देखते हुए एक-दूसरे का सत्कार करें, नर सेवा, नारायण सेवा का भाव रखें तो यही परम धर्म है। हमें जागृत रहना है और ध्यान रखना है कि इस धरती से जब जाएं तो इसे पहले से बेहतर छोड़कर जाएं।

परमात्मा को जानकर उस पर विश्वास करने से आनंद की अवस्था प्राप्त होती है। यदि हम सामाजिक रूप में देखें तो केवल सह-अस्तित्व ही नहीं अपितु शान्तिपूर्ण सह-अस्तित्व के भाव से जिएं। परमात्मा ने हमें जो प्राकृतिक स्रोत दिये हैं उनका हम सदुपयोग करें।

वर्चुअल रूप में आयोजित इस संत समागम के अवसर पर सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।

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