Uttarakhand DIPR
pizza

10 इंच का ऑर्डर, मिला 7 इंच का पिज्जा, रिफंड न देने पर आयोग ने लगाया ₹10 हजार का हर्जाना

खबर शेयर करें

हरिद्वार। ऑनलाइन एप पर 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर करने के बाद 7 इंच का पिज्जा डिलीवर करना और शिकायत के बावजूद रिफंड नहीं देना ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और कैफे को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, हरिद्वार ने दोनों को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने मैसर्स बण्डल टैक्नोलॉजिस प्रा. लि. और कैफे फोस्ट फैक्टरी को संयुक्त रूप से 10,520 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।

ज्वालापुर निवासी राजत्रेहन ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2020 को एप के माध्यम से कैफे फोस्ट फैक्टरी, तपोवन से 505 रुपये में दो पिज्जा ऑर्डर किए थे। एप पर पिज्जा का आकार 10 इंच दर्शाया गया था, लेकिन डिलीवरी के बाद पिज्जा सात इंच का निकला।

शिकायत करने पर कंपनी ने समस्या स्वीकार की, लेकिन रिफंड देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उपभोक्ता ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के साथ कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली।

सुनवाई के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने खुद को केवल मध्यस्थ बताते हुए जिम्मेदारी से इनकार किया। आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत और रंजना गोयल की पीठ ने इस तर्क को खारिज कर दिया और दोनों पक्षों को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना।

आयोग ने 505 रुपये पिज्जा मूल्य, 15 रुपये डिलीवरी चार्ज, 5,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में कुल 10,520 रुपये का भुगतान 45 दिन के भीतर करने का आदेश दिया है। निर्धारित समय में भुगतान न करने पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

kaadi ad 1 Follow us on Google News Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Rating

Scroll to Top