हरिद्वार। नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली। हरिद्वार में एक मंदिर के सामने दुकान में उनका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। सुरेंद्र कोली निठारी कांड के चलते देशभर में चर्चा में आया था। लंबे समय तक चले इस मामले में उसे आरोपी बनाया गया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसे निठारी कांड में दोषमुक्त कर दिया था।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोर्ट से क्लीन चिट मिलने के बाद कोली हरिद्वार में पिछले कुछ दिनों से चाय की दुकान चलाकर जीवनयापन कर रहा था। वह मूल रूप से अल्मोड़ा जिले का रहने वाला था। सुरेंद्र कोली का शव चाय की दुकान के अंदर रस्सी के सहारे फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पारिवारिक क्लेश को आत्महत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
क्या था निठारी कांड
वर्ष 2006 में नोएडा के निठारी गांव से बच्चों और महिलाओं के लगातार लापता होने की घटनाओं से उस समय बड़ी सनसनी फैल गई थी। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के सेक्टर-31 स्थित डी-5 कोठी के पीछे नाले और आसपास से मानव अवशेष, खोपडिय़ां और बच्चों के कपड़े मिलने के बाद मामले ने देशभर में सनसनी मचा दी। जांच के दौरान कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और घरेलू नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कोली पर बच्चों को बहला-फुसलाकर कोठी में लाने और हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए। शुरुआती जांच में नरभक्षण और मानव अंगों की तस्करी जैसे दावे भी सामने आए हालांकि बाद की न्यायिक प्रक्रिया में अभियोजन के साक्ष्यों और जांच पर गंभीर सवाल उठे।







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