Uttarakhand DIPR
WhatsApp Image 2026 05 07 at 18.39.54 1

डीएम रयाल ने छह अपराधियों को किया जिला बदर

खबर शेयर करें

नैनीताल । जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल की न्यायालय द्वारा गुंडा नियंत्रण कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।

आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए छह व्यक्तियों को छह माह के लिए जिला बदर किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।

जिला अधिकारी ललित मोहन रयाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आसिफ पुत्र सिराजुद्दीन रहमान, निवासी मेडिकल गली, बनभूलपुरा, के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। इसी प्रकार इरफान उर्फ शक्ति पुत्र मेहंदी हसन, निवासी गफूर बस्ती, तथा अरशद अली पुत्र स्वर्गीय असगर अली, निवासी शनिबाजार गेट, थाना बनभूलपुरा, के विरुद्ध भी एनडीपीएस एक्ट के कई मामले दर्ज होने के आधार पर कार्रवाई की गई।

शाहनवाज पुत्र अशरफ, निवासी इंदिरा नगर, बनभूलपुरा के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट, चोरी एवं आर्म्स एक्ट से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। वहीं राहुल बिष्ट उर्फ राहुल थापा पुत्र वीर बहादुर, निवासी गोकुल नगर, थाना काठगोदाम, के विरुद्ध आर्म्स एक्ट, चोरी तथा जुआ अधिनियम से संबंधित आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इन सभी को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश पारित किए गए हैं।

जेल में निरुद्ध आरोपियों के मामले समाप्त

जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय नैनीताल ने कुछ मामलों में परिस्थितियों को देखते हुए गुंडा नियंत्रण कानून के तहत चल रही कार्रवाई समाप्त करने के भी आदेश दिए हैं। अमन गुप्ता पुत्र सीताराम, निवासी लालकुआं, तथा शेखर आर्य उर्फ चंद्रशेखर पुत्र आनंद प्रसाद, निवासी गोलापार, काठगोदाम, वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं। इसी प्रकार मिराज पुत्र मोहम्मद हनीफ, निवासी बनभूलपुरा, भी अन्य मामले में जेल में निरुद्ध है। इन परिस्थितियों को देखते हुए इनके विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की न्यायालयीन कार्रवाई समाप्त कर दी गई।

पर्याप्त आधार न मिलने पर दो मामलों में नोटिस निरस्त

महेंद्र पुत्र विपिन चंद्र, निवासी गोलापार, थाना काठगोदाम, के विरुद्ध केवल आबकारी अधिनियम का एक मामला दर्ज होने के आधार पर पुलिस द्वारा गुंडा एक्ट की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई से असहमति व्यक्त करते हुए नोटिस निरस्त कर दिया और कार्रवाई समाप्त कर दी।

इसी प्रकार चंदन लोदियाल पुत्र हरेंद्र सिंह, निवासी नथुआखान, पूर्व में ही किसी अन्य मामले में जिला बदर किया जा चुका है। वर्तमान में उसके विरुद्ध पुनः चल रही कार्रवाई का औचित्य नहीं पाए जाने पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने नोटिस निरस्त करते हुए कार्रवाई समाप्त कर दी।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, ऐसे मामलों में जहां पर्याप्त आधार उपलब्ध नहीं है अथवा कार्रवाई की पुनरावृत्ति का औचित्य नहीं बनता, वहां न्यायालय द्वारा तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर नोटिस निरस्त कर कार्रवाई समाप्त की गई है। इससे एक ओर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का संदेश गया है, वहीं दूसरी ओर विधिसम्मत प्रक्रिया और पर्याप्त आधार के सिद्धांत का भी पालन सुनिश्चित हुआ है।

kaadi ad 1 Follow us on Google News Follow us on WhatsApp Channel

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Rating

Scroll to Top