देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.47 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी भूपेंद्र सिंह को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते में साइबर ठगी से जुड़े 50 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। उसके खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर वर्ष 2025 में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त कुलपति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर साइबर ठगी की थी। आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम का अधिकारी बताकर पीड़िता को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से 12 दिनों तक कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट में रखा। इस दौरान मनी लॉन्ड्रिंग जांच और खातों के ऑनलाइन सत्यापन का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.47 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए।
इस संबंध में नैनीताल निवासी पीड़िता ने अगस्त 2025 में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, रुद्रपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर एसटीएफ ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि मामले में इससे पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। भूपेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के साथ अब तक चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।







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