रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाव जारी है। कपाट खुलने के बाद से करीब 3 लाख 35 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में भक्त धाम पहुंच रहे हैं जहां एक ओर श्रद्धा का यह अभूतपूर्व सैलाब नए रिकॉर्ड बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ
पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक गंभीर और चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। अब तक लगभग 7 टन प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जा चुका है।
पवित्र मंदाकिनी नदी जो इस धाम की जीवनरेखा मानी जाती है, आज प्लास्टिक प्रदूषण के बोझ तले कराहती नजर आ रही है। यात्रा मार्ग और पड़ावों पर फैला प्लास्टिक कचरा न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि इसे सीधे नदी में फेंके जाने की घटनाएं स्थिति को और भी भयावह बना रही हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए सुलभ इंटरनेशनल के 400 से अधिक सफाई कर्मी सीतापुर से केदारनाथ तक लगातार सफाई व्यवस्था में जुटे हुए हैं।
सोनप्रयाग में प्लास्टिक कचरे को कॉम्पैक्ट करने के लिए विशेष मशीनें लगाई गई हैं, जहां अब तक लगभग 7 टन प्लास्टिक कचरे को प्रोसेस कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त गीले कचरे को प्रतिदिन 5 से 6 डंपरों के माध्यम से रुद्रप्रयाग स्थित डंपिंग जोन तक पहुंचाया जा रहा है।







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