नैनीताल। कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंडलायुक्त दीपक रावत ने कैंची धाम में 15 दिन के भीतर प्रवेश और निकास की बेहतर व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भीड़ और क्षेत्र में उपलब्ध ठहरने की क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सके।
मंगलवार को आयोजित बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मेले के दौरान तीन दिनों में करीब 1.30 लाख श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे थे। वहीं, सामान्य वीकेंड पर 21 से 25 हजार तक श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी सामने आई है। बीते वीकेंड करीब 40 हजार लोगों के कैंची धाम पहुंचने की बात कही गई। जून के बाद से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
प्रबंधन के अनुसार, कैंची धाम मंदिर इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के लिहाज से तैयार नहीं है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में क्षेत्र की आवासीय क्षमता पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर क्षेत्र में करीब 20 हजार बेड उपलब्ध हैं, जबकि लगभग 1,019 होमस्टे हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं और पर्यटकों के रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इससे कैंची धाम आने वाले लोगों की संख्या और उनके ठहरने की जरूरत का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
भीड़ बढ़ने की स्थिति में वीकेंड पर मंदिर के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में तय किया गया कि कैंची धाम में 15 दिन के भीतर एंट्री और एग्जिट की बेहतर व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके साथ ही नो-एंट्री और वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में आईजी निवेदिता कुकरेती, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसपी डॉ. जगदीश चंद्र, एडीएम विवेक राय, एसडीएम नवाजिश खलिक, प्राधिकरण सचिव मनीष कुमार, ईओ रोहिताश शर्मा, आरटीओ समेत मारुति साह, दिग्विजय बिष्ट, त्रिभुवन फर्त्याल, वेद साह, पुनीत टंडन और रुचिर साह मौजूद रहे।







Leave a Comment