न्यूज़

बिना अनुमति के बनाये कम्युनिटी सेण्टर को रेलवे द्वारा तोड़ेने का नोटिस

By Suresh Agrawal, Kesinga, Odisha

 जहाँ एक ओर विभिन्न विकासमूलक योजनाओं पर सरकार लाखों, करोड़ों रुपये ख़र्च करती है, वहीं विभागीय अफ़सरों की मनमानी एवं अदूरदर्शिता के चलते योजनाएं पूरा होने से पहले ही ख़ाक में मिल जाती हैं। कुछ ऐसा ही उदाहरण नगरपालिका वार्ड क्रमांक तीन स्थित अम्बाजी मन्दिर पाड़ा में देखने को मिला है, जहाँ बिना पूर्व अनुमति के रेलवे की भूमि पर बनाये गये कम्युनिटी सेण्टर को तोड़ने हेतु अब रेलवे द्वारा उस पर नोटिस चस्पा किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार केसिंगा में रेलवे अण्डरब्रिज निर्माण हेतु उसकी जद में आने वाले जिन सोलह निर्माणों को हटाने रेलवे द्वारा नोटिस ज़ारी किया गया है, उनमें कम्युनिटी सेण्टर भी है।

ज्ञातव्य है कि अभी कुछ समय पहले ही उन्नति योजना के तहत पांच लाख की लागत से उक्त सामुदायिक केन्द्र का निर्माण विकासखंड विभाग द्वारा कराया गया था और कुछ समय बाद ही उसका लोकार्पण भी किया जाना था, परन्तु निर्माण बिना पूर्व अनुमति के होने के कारण अब उसका तोड़ा जाना तय है।

इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गयी है। भाजपा की ओर से नगर भाजपा अध्यक्ष प्रशान्त बनर्जी द्वारा सामुदायिक केन्द्र निर्माण के लिये जिम्मेदार ब्लॉक एवं सहकारी यंत्रियों के साथ-साथ सम्बध्द विकासखंड अधिकारी के विरुद्ध पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज़ कराने की बात कही गयी है। उनका कहना है कि इस तरह की क़वायद आम चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ उठाने एवं मतदाता एवं कर्मचारियों को रिझाने हेतु उठाया गया कदम है, तभी तो नगरपालिका के दायरे में होने के बावज़ूद अधिकारियों द्वारा आँखें मूँद कर उक्त अनुदान को ब्लॉक की ओर मोड़ दिया गया। आख़िर, लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा यूँ बर्बाद करने का अधिकार किसने दिया है ?

वहीं पूर्व पालिका पार्षद जयन्ती गहीर द्वारा भी इस पर अफ़सोस जताते हुये कहा गया है कि -अभी सामुदायिक केन्द्र में बिजली का कनेक्शन अथवा उसके शौचालय निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। आख़िर, किस ज़ल्दबाज़ी में और क्यों कर इस निर्माण कार्य को अंज़ाम दिया जा रहा था।
केसिंगा नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश राव अपनी प्रतिक्रिया में कहते हैं कि इस अवैध निर्माण के लिये ज़िम्मेदार अधिकारियों पर ज़वाबदेही तय कर उनसे पूरा हर्ज़ाना वसूला जाना चाहिये। मामले पर बीजद की ओर से कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ। इस परिप्रेक्ष्य में विकासखंड अधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा -मैं तो अभी नया आया हूँ, तथ्यों का पता लगाऊंगा।



Leave a Reply

Your email address will not be published.