नई दिल्ली। कैबिनेट ने अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार का रास्ता साफ कर दिया है। अब चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद नियमित सेना में शामिल नहीं हो पाने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सेवा देने का मौका मिलेगा। इस तरह उनका कुल सेवा कार्यकाल छह साल हो जाएगा। वर्तमान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने अग्निवीरों को दो साल का एक्सटेंशन देने का ऐलान किया है। ऐसे में अब अग्निवीरों का कार्यकाल 4 की बजाय 6 साल का हो जायेगा। कैबिनेट की ओर से इस फैसले की मंजूरी दी गई है। पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि 21 नवंबर को खत्म हो रही है। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की दो साल की सेवा अवधि विस्तर पर मुहर लगा दी है।
दो साल के सेवा विस्तार को सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी कहा जाएगा। भारतीय सेना के सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि यह फैसला मौजूदा अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद लिया गया है। मौजूदा नियम के तहत चार साल की सेवा पूरी होने के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में परमानेंट कर लिया जाता है। बाकी 75 फीसदी को सेवा मुक्त कर दिया जाता है। नए प्रस्ताव के अनुसार 75 फीसदी सेवा मुक्त होने वाले जवानों में से भी एक निश्चित हिस्से को दो साल और सेवा का विकल्प मिलेगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कहा कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। उस समय यह बताया गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा। समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाएगी। अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। उन्होने बताया कि इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है। जैसा कि आप जानते हैं, योग्यता के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाना है। पहले 75प्रतिशत अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौटेंगे। अब बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा।







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