राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया क्षेत्रीय अध्ययन
पनुवानौला, अल्मोड़ा। राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान के सहयोग से आईआईएम काशीपुर एमबीए के विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान ग्रामीण विकास की जमीनी हकीकत को करीब से जाना और समझा। 21 से 25 सितंबर तक चले इस पॉच दिवसीय कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने ग्राम पंचायत दियारी, कुंजागूठ और बीना क्षेत्र में भ्रमण कर जल संरक्षण, ग्रामीण आजीविका, स्वयं सहायता समूह, कृषि और कौशल विकास की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।

राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान के सहयोग से किए गए अध्ययन का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, ग्रामीण आजीविका, स्वयं सहायता समूह, कृषि और कौशल विकास की वास्तविक स्थिति को समझना था। विद्यार्थियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए डैम और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की बारीकी से जानकारी ली। राष्ट्रीय जनहित सेवा संस्थान की ओर से प्रकाश चन्द्र तिवारी और आशा नेगी ने विद्यार्थियों को ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों की बारीकी से जानकारियां दी।

इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं सहायता समूहों की कृषि गतिविधियों और सॉफ्ट टॉय निर्माण प्रशिक्षण का भी अध्ययन किया। अध्ययन में उन्होंने पाया कि ग्रामीण विकास के लिए केवल आधारभूत ढांचे का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके रख-रखाव, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय लोगों की सक्रिय भूमिका भी जरूरी है।
क्षेत्रीय भ्रमण में विद्यार्थियों ने इस बात को माना कि जल संरक्षण को कृषि और आजीविका से जोडक़र ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर तैयार किए जा सकते हैं साथ ही महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास को स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडऩे पर भी जोर दिया गया।
क्षेत्रीय अध्ययन के दौरान आईआईएम काशीपुर के विद्यार्थी वंश गोयल, हर्ष तनेजा, अनुष्का मीणा और कृतिका चौधरी शामिल रहे। जानकारी दी।







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