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प्रवासी दिवसः 20 हज़ार भारतीय छात्र चीन आने का कर रहे हैं इंतज़ार, पढ़िए स्टोरी

चीन में मनाया गया 16वां प्रवासी भारतीय दिवस, कोरोना महामारी के बीच प्रवासियों के योगदान को सराहा गया

By Anil Azad Pandey, Beijing

चीन की राजधानी पेइचिंग में शनिवार शाम 16वां प्रवासी भारतीय दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस दौरान दूतावास के स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र में हुए आयोजन में भारतीय समुदाय के तमाम लोगों ने हिस्सा लिया। इस बार के प्रवासी दिवस की थीम आत्मनिर्भर भारत के लिए योगदान है। गौरतलब है कि पिछले प्रवासी दिवस के बाद विश्व व्यापक परिवर्तन का सामना कर रहा है, जिसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की थी। कोरोना महामारी ने हमारे जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है, चीन में रहने वाले भारतीय भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। बताया जाता है कि चीन में भारतीय समुदाय में सबसे अधिक संख्या छात्रों की है, जो महामारी की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगभग 20 हज़ार से अधिक छात्र चीन वापस आने का इंतज़ार कर रहे हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी उनके जल्द वापसी को लेकर चीन सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।

यहां बता दें कि भारतीय दूतावास ने पिछले साल की शुरुआत हूबेई प्रांत से भारतीय नागरिकों को निकालने के साथ की थी। इसके बाद महामारी के चलते हवाई यात्रा पर लगी पाबंदी के बीच वंदे भारत मिशन के तहत 1,250 भारतीयों को भारत भेजा गया। इसके साथ ही एक हज़ार से अधिक लोगों को भारत से चीन वापस लाया गया। लेकिन अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो इस संकट के कारण अपने परिवारों से दूर रहने को मजबूर हैं। इस मामले पर दूतावास के अधिकारी चीन सरकार के साथ संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि फिर से वीज़ा मिलने की प्रक्रिया शुरू हो और लोग सामान्य जीवन में लौट सकें।

इस मौके पर डिप्टी चीफ़ ऑफ मिशन(डीसीएम) एक्विनो विमल ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान पेश आयी चुनौतियों और सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने भारतीय समुदाय द्वारा मुसीबत की इस घड़ी में सक्रियता से एक-दूसरे के साथ जुड़े रहने के लिए आभार जताया।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का वीडियो संदेश भी जारी किया गया। अपने संदेश में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ़ संघर्ष में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की तारीफ की।

इसके अलावा प्रवासी दिवस पर पेइचिंग में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों द्वारा दिए गए संदेश भी सुनाए गए। जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने अच्छा समां बांधा। जिससे वहां मौजूद लोगों को भारत की व्यापक व विविध संस्कृति की झलक देखने को मिली। वहीं बीजिंग कम्युनिटी के तत्वावधान में हुए बैडमिंटन टूर्नामेंट के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

यहां बता दें कि प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत साल 2003 में हुई थी। 9 जनवरी को प्रवासी दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि 1915 में इसी दिन राष्ट्र पिता महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटे थे। स्वदेश वापसी के बाद गांधी जी ने अंग्रेज़ों के खिलाफ चले स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और देश को आज़ादी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

लेखक चाइना मीडिया ग्रुप में वरिष्ठ पत्रकार हैं और पिछले 11 वर्षों से चीन में कार्यरत हैं।

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