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शहीद मेजर विभूति मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित, पांच आतंकवादियों को मार गिराया था

Report ring desk
देहरादून। मेजर विभूति ढौंडियाल को एक आपरेशन में उनकी भूमिका के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इस आपरेशन के दौरान उन्होंने न सिर्फ पांच आतंकवादियों को मार गिराया था, बल्कि 200 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री भी बरामद की थी। आज उनकी पत्नी लेफ्टिनेंट नितिका कौल और मां ने राष्ट्रपति से पुरस्कार ग्रहण किया।

पुलवामा आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल का जन्म 19 फरवरी 1985 को हुआ था। उनके पिता ओमप्रकाश ढौंडियाल का वर्ष 2012 में देहांत हो चुका है। वह कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (सीडीए) में सेवारत रहे। उनकी मां सरोज और दादी देहरादून में रहती हैं। शहीद ढौंडियाल तीन बहनों के इकलौते भाई थे।

उनकी दसवीं तक की पढ़ाई देहरादून के प्रतिष्ठित सेंट जोजफ्स एकेडमी से की। इसके बाद उन्होंने 12वीं की परीक्षा पाइनहॉल स्कूल से पास की। विभूति ने बचपन से ही फौजी बनने का सपना देखा था, लेकिन इसमें वे कई बार असफल हुए। राष्ट्रीय मिलिट्री एकेडमी में प्रवेश नहीं मिलने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी और कोशिश करते रहे। फिर साल 2011 में ओटीए से पासआउट होकर वह सेना का हिस्सा बने।

नितिका कौल की शादी 19 अप्रैल 2018 को मेजर विभूति ढौंडियाल के साथ हुई थी। उनके वैवाहिक जीवन को 10 महीने ही हुए थे कि मेजर विभूति कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। ऐसे मुश्किल दौर में भी नितिका ने हार नहीं मानी। उन्होंने तय किया कि वह विभूति के सपने के साथ ही आगे बढ़ेंगी। नितिका इसी साल 29 मई को सेना में अफसर बनीं।

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