साहित्य

गांधीजी ने सोचा नहीं होगा !

By GD Pandey, Delhi  

गांधीजी ने सोचा नहीं होगा!
हर वर्ष 2 अक्टूबर मनाया जाएगा,
जन्मदिन,शास्त्रीजीऔर गांधी जी का,
महिमामंडितमहात्मा को कियाजाएगा.
राजनैतिक हवा के अनुरूप,गूंजेगा गुणगान गगन में,रामराज नहीं, श्याम राज होगा,गांधी जी ने सोचा नहींहोगा!

धन्ना सेठ होंगे मालामाल,
कामगार रहेंगे सदा बदहाल.
राष्ट्रीय उद्योग पनप नहीं पाएंगे,
बहुराष्ट्रीय धंधे चमकते जाएंगे.
सार्वजनिक संस्थान बेचे जाएंगे,
बड़े पूंजीपति उन्हें खरीदते रहेंगे.
अंग्रेजों के बाद स्वराज ऐसा होगा,
गांधी जी ने सोचा नहीं होगा!

मजदूरों को दो जून की रोटी नहीं,
शिक्षित प्रशिक्षित को रोजगार नहीं.
कमरतोड़ महंगाई की मार बेशुमार,
दिनोंदिन संवेदनहीन होती सरकार .
सविनय सत्याग्रह करेगा किसान ,
बहरी होगी सरकार बेईमान बेजुबान.
भारत का लोकतंत्र ऐसा होगा,
गांधीजी ने सोचा नहीं होगा!

काले कानून जबरन लादे जाएंगे ,
आवाज उठाने वाले सीधे धरे जाएंगे.
अपराधी भ्रष्टाचारी सत्ता में आ जाएंगे,
बेगुनाह लोग जेल में डाल दिए जाएंगे.
परिवर्तन और क्रांति शब्दों सेपरहेज,
दकियानूसी और अंधभक्तों की इमेज.
लोकशाही नहीं, तानाशाही का राज होगा, गांधीजी ने सोचा नहीं होगा!

विकास का राग खूब अलापा जाएगा, युवा पीढ़ी को दिग्भ्रमित किया जाएगा. जन समस्याओं से मुंह मोड़ लिया जाएगा, मजहबी अफीम का धंधा करवाया जाएगा.
कुर्सी के लिए कुछ भी कबूल,
बाकी सब कुछ होगा फिजूल.
इंसानियत नहीं, संप्रदायवाद सर्वोपरि होगा, गांधी जी ने सोचा नहीं होगा!

अमेरिका ने पढ़ाया डेमोक्रेसीका पाठ ,
भारत में आकर वही सोलह दूनी आठ.
भूमंडल की ट्रस्टीशिप भारत के पास, वसीयत अमेरिका और चीन के पास.
राष्ट्रवाद की दुहाई चुनाव की दवाई, आत्मनिर्भरता की थ्योरी समझ नहीं आई, किसी के भी काम नहीं आई .
दुनिया में वर्चस्व टेक्नोलॉजी का होगा, भारत में वर्चस्व जुमलेबाजी का होगा, गांधी जी ने सोचा नहीं होगा!!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *