नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय का सोमवार तडक़े कोलकाता के साल्ट लेक स्थित अपोलो अस्पताल में निधन हो गया। वे 71 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार रात लगभग डेढ़ बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। मुकुल रॉय पिछले 2-3 वर्षों से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, जिस कारण वह सक्रिय राजनीति से दूर थे। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली दूसरी यूपीए सरकार के दौरान रॉय ने शिपिंग मिनिस्ट्री और बाद में रेल मिनिस्ट्री में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया।
मुकुल रॉय के राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से हुई थी, लेकिन बाद में वे ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक बने और तृणमूल कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-2 सरकार में उन्होंने जहाजरानी मंत्रालय में राज्य मंत्री और बाद में रेल मंत्री के रूप में देश की सेवा की।
रॉय के निधन पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने उन्हें एक अनुभवी नेता बताया और कहा कि वह पिछले दो-तीन सालों से बीमार थे और राजनीति में सक्रिय रूप से हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। घोष ने कहा कि 2019-2021 तक वह हमारे साथ थे। बाद में उन्होंने बीजेपी छोड़ दी और टीएमसी में चले गए। पिछले 2-3 सालों से वह बीमार थे और पॉलिटिक्स में एक्टिव नहीं थे। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।







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