देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 9,31,685 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि 1,29,872 नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है। जिन पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें फॉर्म-6 के माध्यम से दोबारा नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रेसवार्ता में बताया कि उत्तराखंड में एसआईआर की प्रक्रिया आठ जून से शुरू हुई थी। उस समय प्रदेश में करीब 79 लाख मतदाता पंजीकृत थे। इसके बाद सात जुलाई तक मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त किए गए और 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई। प्रारूप सूची में 71,33,785 मतदाता दर्ज थे।
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इसके बाद 10 जुलाई से 28 सितंबर तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई और उनका निस्तारण किया गया। पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन पांच जिलों के मतदाताओं का उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से सत्यापन किए जाने के कारण इसकी तारीख बढ़ाकर तीन अक्तूबर कर दी गई।
अंतिम सूची में 71,58,949 मतदाता
एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 1,29,872 नए मतदाता शामिल किए गए हैं। निर्वाचन विभाग ने पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों का सत्यापन करने के साथ पात्र नए मतदाताओं को जोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन विभाग की ओर से विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। अंतिम सूची जारी होने के साथ ही प्रदेश में मतदाताओं की संख्या की स्थिति स्पष्ट हो गई है।







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