देहरादून। अखिल भारतीय आशा कर्मचारी महासंघ ने भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले देहरादून में एक दिवसीय रैली निकालकर अपनी मांगों के निराकरण के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय प्रधान मंत्री, केद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपा।
राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन के अन्तर्गत कार्यरत आशा कार्यकर्ती व आशा फैसिलेटटरों ने अपनी जटिल मांगों के लिए भारतीय मंजदूर संघ के बैनर के तले रैली निकालकर शासन-प्रशासन को चेताया कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों के लिए गुहार लगा रही हैं। शासन-प्रशासन से उन्हें आश्ववासन तो मिलते रहे लेकिन इनके मानदेय व वेतन में अभी तक कोई बड़ोतरी नहीं की गई।
रैली में अखिल भारतीय आशा कर्मचारी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेनू नेगी, ललतेश बिश्ववकर्मा आशा कार्यकर्ती प्रदेश महामंत्री, लक्ष्मी शर्मा जिला अध्यक्ष, कुसुम चौहान कारिकारिणी अध्यक्ष, अमिता चौहान कोषाध्यक्ष, लक्ष्मी कुकरेती, आंनदी गोदियाल, अनिता पवार, अनिता भट्ट, अरिंदर कौर, संगिता रानी जिला मंत्री, भारतीय मजदूर संघ से अर्चना बिष्ट, अवनीश कांत गंगा गुप्ता, सरस्वती रावत आशा सेमवाल, सबिता मनवाल शामिल हुए।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप सिंह नेगी ने आशा कर्मचारी महासंघ की मांगों का सर्मथन किया है।
ये रखी मांगें
– आशा कर्मचारियों को 18000 रुपये 36000 रुपये वेतन दिया जाय।
– साल में सर्दी व गर्मी की अलग-अलग वर्दी दी जाय।
– योग्यता के आधार पर आशा को फैसिलेटटर व फैसिलेटटर व्लाक कोड्नेटर की पदोन्ति दी जाय।
– सेवानृति के बाद रिटायटमैंट बैनिफिट व पैंनशन लागू की जाय।
– .टीकाकरण कार्य का 100रुपये की जगह पर बढ़ा कर 1000रुपया किया जाय।
– अनुभवी आशा वर्करों को टीकाकरण के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाय।
– आशा कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय।
– कार्य के दौरान दुर्घटना, मृत्यु व सामान्य मृत्यु होने पर 5लाख रुपये का भुगतान मुआवजा के रूप में दिया जाय।







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