दस साल की सेवा कर चुके कर्मचारियों को मिलेगा इस फैसले का लाभ
देहरादून। दस साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। वहीं नियमतीकरण की नीति पर अभी निर्णय नहीं हो पाया है।
कैबिनेट बैठक में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में गठित सब कमेटी की रिपोर्ट को रखा गया। सब कमेटी ने रिपोर्ट में 12 वर्ष की बजाए दस वर्ष की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने की संस्तुति की थी जिसे कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उपनल कर्मी राज्य की प्रशासनिक व्यवसथा की अहम कड़ी हैं और उनके योगदान को सरकार पूरी गंभीरता से मान्यता देती है।
इस फैसले की जानकारी देते हुए सचिव गोपन शैलेष बगौली ने बताया कि इस फैसले का लाभ पहले चरण में 2015 से पहले नियुक्त उपनल कर्मचारियों को मिलेगा। 2015 से 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों के संबंध में भविष्य में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विभागोकं को अपने यहां तैनात उपल कर्मियों से दो माह में सीधा अनुबंध करना होगा। अनुबंध के बाद इन कर्मचारियों का उपनल से कोई संबंध नहीं रहेगा। भविष्य में उपनल सिर्फ पूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े कार्य देखेगा। विभागों में आउटसोर्स सेवाओं के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी।






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