By Suresh Agrawal, Kesinga, Odisha
जहाँ एक ओर तेज़ी से पैर पसार रहे कोविड-19 से बचाव हेतु लोगों में जागरूकता पैदा करने स्थानीय नगरपालिका, तहसीलदार एवं पुलिस प्रशासन द्वारा निरन्तर संयुक्त मुहिम चलायी जा रही है, वहीं कुछ मनचले इसका उपहास उड़ाते हुये नियमों को बला-ए-ताक रख उनकी खुल्लमखुल्ला अवहेलना कर रहे हैं। वैसे भी देखने में यही आ रहा है कि इतना लम्बा अरसा बीत जाने के बावज़ूद अधिकतर लोगबाग़ कोरोना महामारी को लेकर अब तक भी गम्भीर नहीं हैं एवं दुकान-बाज़ार सहित तमाम सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी अथवा मास्क पहनने के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

आलम यह है कि अब तो कुछ लोगों में कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन कराने वाली एजेंसियों का भी खौफ़ नहीं रहा एवं उदण्डता और स्वच्छंदता की झलक साफ़ तौर पर देखी जा सकती है। इसका एक उदाहरण 22 सितम्बर को राष्ट्रीय राजमार्ग 26 पर स्थानीय विकासखंड कार्यालय के समक्ष तब देखने को मिला, जब पालिका प्रशासक सिध्दार्थ पटनायक के नेतृत्व में मास्क न लगाने वालों की जांच-परख की जा रही थी।

यद्यपि, अभियान के दौरान नियम तोड़ने वाले अठारह लोगों से कुल सात हज़ार दो सौ रुपये बतौर ज़ुर्माना अदा किये गये, परन्तु कुछ युवा जाँच कर्मचारियों के साथ उलझ कर अथवा उन्हें धत्ता बतलाते हुये वहां से रफूचक्कर हो गये। उन्होंने जांच अधिकारी एवं कर्मचारियों को धमकी दी एवं उनकी नक़ल कर मख़ौल उड़ाया गया।

बाद में मीडिया से बातचीत करते हुये पालिका प्रशासक द्वारा मामले को गम्भीरता से लेने की बात कही गयी। उन्होंने कहा कि भविष्य में नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति का ऐसा व्यवहार प्रशासन को स्वीकार्य नहीं होगा और ऐसा करने वालों को समुचित क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।







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