नई दिल्ली। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 18 दिन की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) यात्रा के समापन कर धरती पर लौट आए हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर आ रहा ड्रैगन यान कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में दोपहर 3:00 बजे उतरा। उनके ड्रैगन कैप्सूल ने सोमवार शाम 4:45 बजे आईएसएस से अनडॉकिंग के बाद धरती की यात्रा शुरू की। शुभांशु एग्जिओम-4 मिशन के तहत 25 जून को दोपहर 12 बजे तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ आईएसएस गए थे। उन्हें वहां पहुंचने में 28 घंटे का समय लगा था। जबकि उनकी वापसी 23 घंटे में पूरी हुई। शुभांशु आईएसएस पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
मिशन 14 दिन का था लेकिन 18 दिन चला। वहां 60 प्रयोग किए गए। इनमें 7 इसरो के थे। शुभांशु 263 किलो वैज्ञानिक सामान और डेटा ला रहे हैं। यह मिशन इसरो के लिए अहम है क्योंकि भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान 2027 में लॉन्च होना है।
आईएसएस पर शुभाशु और उनके साथ तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग किए। ड्रैगन अंतरिक्ष यान स्पेस स्टेशन से चार कू के सदस्यों के अलावा 580 पाउंड से अधिक सामान के साथ लौटेगा। शुभाशु ने अंतरिक्ष स्टेश पर माइक्रोएल्गी प्रयोग पर काम किया। ऐसे सैंपल लिए जो भविष्य में बड़े अंतरिक्ष अभियानों के लिए भोजन, ऑक्सीजन और बायोफ्यूल का सोर्स बन सकते है।
सात दिन आइसोलेशन में रहेंगे शुभांशु
धरती पर उतरने के बाद शुभांशु 7 दिन आइसोलेशन में रहेंगे। 18 दिन शून्य गुरुत्वाकर्षण में बिताकर आ रहे हैं। इस रिहैब प्रोग्राम में फ्लाइट सर्जन उनकी निगरानी करेंगे। भारत लौटने से पहले उन्हें कई चिकित्सकीय, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक मूल्याकंनों से गुजरना होगा।







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