देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में स्किल हब के तहत विदेश रोजगार प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम देशों के नियोक्ताओं, दूतावासों से उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए सीधे एग्रीमेंट करने में विशेषज्ञों की उपलब्धता न होने की वजह से तमाम दिक्ïकतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के सफल संचालन के लिये पीएमयू गठित करने का निर्णय लिया गया है जिस पर मंत्रिमंडल ने अपनी सहमति जताई है।
इस समय में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा भारत सरकार के एनएसडीसी इंटरनेशनल के साथ समन्वय कर तमाम देशों में कुशल कामगारों की मांग पूरी जा रही है। इसके साथ ही राज्य के इच्छुक युवाओं को एडवांस ट्रेड स्पेसिफिक ट्रेनिंग और लेंग्वेज ट्रेनिंग देने के लिए विभाग की ओर से कार्ययोजना के तहत काम किया जा रहा है। ताकि युवाओं के जरूरत के अनुसार युवाओं को दक्ष बनाया जा सके और उन्हें विदेशों में काम करने में आसानी हो। भविष्य में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ को अत्यधिक प्रभावी बनाने के लिये एक कम्पनी की स्थापना कर रिकू्रटमेंट एजेंट के रूप में भी कार्य किया जायेगा।
हालांकि, विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए अलग से कोई ढांचा स्वीकृत नहीं है। वर्तमान में विभागीय अधिकारियों की ओर से विदेश सेवायोजन सम्बन्धी काम किया जा रहा है। लेकिन इस काम में विशेषज्ञता न होने के चलते तमाम व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम देशों के नियोक्ताओं, दूतावासों और तमाम देशों से उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए सीधे एग्रीमेंट करने में विशेषज्ञों की उपलब्धता न होने, सीमित मानव संसाधन समस्या बन रही है। जिसको देखते हुए विदेश रोजगार प्रकोष्ट के सफल संचालन के लिए पीएमयू गठन करने का निर्णय लिया गया है। जिस पर मंत्रिमंडल बैठक के दौरान सहमति मिल चुकी है। पीएमयू के साथ ही कैबिनेट ने 7 पदों के सृजन को भी मंजूरी दे दी है।







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